
महापौर मंजू देवी राजपूत ने किया अभियान का शुभारंभ, 5.06 लाख से अधिक बच्चों को दी जाएगी एल्बेंडाजोल

कोरबा। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर नगर पालिक निगम कोरबा के शासकीय साडा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बच्चों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर मंजू देवी राजपूत ने किया।
कार्यक्रम कलेक्टर कुणाल दुदावत के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एन. केसरी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
जिले में 5 लाख से अधिक बच्चों को दी जाएगी दवा
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एन. केसरी ने बताया कि 10 अगस्त से जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों, शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों, मदरसों, निजी स्कूलों, महाविद्यालयों एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों के माध्यम से 1 से 19 वर्ष तक के 5,06,112 बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा एल्बेंडाजोल खिलाई जाएगी।
जो बच्चे 10 अगस्त को दवा खाने से छूट जाएंगे, उन्हें 17 अगस्त 2026 को मॉप-अप दिवस पर दवा का सेवन कराया जाएगा, ताकि अभियान का शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके।
उम्र के अनुसार दी जाएगी एल्बेंडाजोल की खुराक
अभियान के दौरान बच्चों को उनकी आयु के अनुसार दवा दी जाएगी। 1 से 2 वर्ष तक के बच्चों को आधी गोली, जबकि 2 से 3 वर्ष तक के बच्चों को एक पूरी गोली चूरा कर पानी के साथ दी जाएगी। वहीं 3 से 19 वर्ष तक के बच्चों को एक पूरी गोली चबाकर पानी के साथ खिलाई जाएगी।
महापौर ने स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के लिए किया प्रेरित
इस अवसर पर महापौर मंजू देवी राजपूत ने बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाव के लिए स्वच्छता अपनाने, नियमित रूप से हाथ धोने, स्वच्छ एवं सुरक्षित भोजन तथा साफ पानी का सेवन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य, पोषण और समुचित विकास के लिए कृमि संक्रमण से बचाव बेहद जरूरी है।
महापौर, कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों-कर्मचारियों तथा अभिभावकों से अपील की कि जो बच्चे 10 अगस्त को कृमिनाशक दवा लेने से वंचित रह गए हैं, उन्हें 17 अगस्त को मॉप-अप दिवस पर एल्बेंडाजोल की दवा अवश्य खिलाएं। अभियान को सफल बनाने में सभी की सहभागिता बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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