दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को किराये पर लेने के बहाने दूसरे व्यक्ति को बेचकर की थी करीब 9 लाख रुपये की धोखाधड़ी, पूर्व में दो आरोपी जा चुके हैं जेल
जांजगीर-चांपा। जियो कंपनी का सुपरवाइजर बनकर ट्रैक्टर-ट्रॉली किराये पर लेने और बाद में उन्हें दूसरे व्यक्ति को बेचकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के फरार आरोपी को जांजगीर-चांपा पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। मामले में पुलिस पूर्व में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज चुकी है। गिरफ्तार तीसरे आरोपी की पहचान अब्दुल गफूर खान (46 वर्ष), निवासी मचखंडा, थाना सीपत, जिला बिलासपुर के रूप में हुई है।
किराये का झांसा देकर ले गए थे दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां
पुलिस के अनुसार, प्रार्थी विमलेश कुमार अहिर निवासी खिसोरा ने थाना बलौदा में शिकायत दर्ज कराई थी कि 24 जुलाई 2026 को सन्नी लाल पाटले और राहुल कुमार खाण्डे उसके घर पहुंचे। दोनों ने स्वयं को जियो कंपनी का सुपरवाइजर बताते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां किराये पर लेने की बात कही। आरोपियों ने प्रत्येक ट्रैक्टर का 30 हजार रुपये मासिक किराया देने का भरोसा दिलाया और दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अपने साथ ले गए।
लेकिन आरोपियों ने किराया देने के बजाय दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को बिलासपुर जिले के एक व्यक्ति के पास करीब 2 लाख रुपये में बेच दिया। प्राप्त रकम में से 50 हजार रुपये खर्च कर दिए। इस तरह प्रार्थी के साथ करीब 9 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
पूर्व में दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरा लंबे समय से था फरार
प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना बलौदा में अपराध क्रमांक 407/2026 के तहत धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत अपराध दर्ज कर पुलिस ने विवेचना शुरू की। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पूर्व में सन्नी लाल पाटले निवासी बम्हनीन, थाना अकलतरा तथा राहुल कुमार खाण्डे निवासी खम्हरिया को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था।
वहीं, मामले में शामिल अब्दुल गफूर खान फरार चल रहा था। बलौदा पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया।
पूछताछ में कबूला अपराध, भेजा गया न्यायिक रिमांड पर
पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी अब्दुल गफूर खान ने अपने साथियों के साथ मिलकर जियो कंपनी का सुपरवाइजर बनकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां किराये पर लेने और बाद में उन्हें दूसरे व्यक्ति को बेचने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई में निरीक्षक मनोहर सिन्हा, सहायक उपनिरीक्षक रामदुलार साहू, प्रधान आरक्षक गजाधर पाटनवार तथा आरक्षक रज्जू रात्रे, जयराम बिझवार और नारायण भानू का सराहनीय योगदान रहा।





