
NDPS और गो-तस्करी के नेटवर्क की जड़ पर प्रहार, 60-90 दिन में चालान नहीं तो तय होगी जिम्मेदारी; CCTNS में लापरवाही पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के संकेत

बिलासपुर, 02 सितंबर 2026। बिलासपुर रेंज में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को लेकर पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने मंगलवार को रेंज स्तरीय उच्चस्तरीय अपराध एवं सुरक्षा समीक्षा बैठक लेकर पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। बैठक का फोकस नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, लंबित विवेचनाओं, डिजिटल पुलिसिंग, NDPS और गो-तस्करी के खिलाफ कार्रवाई पर रहा।
लंबित मामलों पर IG की सीधी नजर
आईजी रामगोपाल गर्ग ने थानों में लंबित मामलों को न्यूनतम स्तर पर लाने के निर्देश दिए। BNSS के तहत 60 और 90 दिवस की वैधानिक समय-सीमा के भीतर चालान अथवा खात्मा दाखिल करने को प्राथमिकता देने कहा गया। सभी राजपत्रित अधिकारियों को लंबित मामलों की साप्ताहिक समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने साफ किया कि विवेचना में लापरवाही या कानूनी प्रक्रिया की खामी के कारण आरोपी को लाभ मिला तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
CCTNS से लेकर ई-साक्ष्य तक 100 फीसदी इस्तेमाल
बैठक में CCTNS और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के अनुपालन की भी समीक्षा हुई। MedLEaPR के माध्यम से डिजिटल MLR एवं PMR, e-Sign, e-Sakshya, e-Forensic और e-Malkhana का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
CCTNS में IIF-1 से IIF-11 तथा ग्राम अपराध नोटबुक (VCNB) की प्रविष्टियों को भी अद्यतन रखने कहा गया।
NDPS तस्करों पर सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, आर्थिक चोट
आईजी गर्ग ने NDPS मामलों में कार्रवाई को और आक्रामक बनाने के निर्देश दिए। मादक पदार्थों की जब्ती के दौरान ANTF प्रभारी अथवा प्रशिक्षित अधिकारी की मौजूदगी में विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने कहा गया।
तस्करी में प्रयुक्त वाहनों की मजिस्ट्रेट के समक्ष फोटोग्राफी सहित संयुक्त इन्वेंट्री तैयार करने तथा आदतन तस्करों की संपत्ति पर PIT-NDPS और SAFEMA के तहत कार्रवाई के प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए।
गो-तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ने की रणनीति
गो-तस्करी के मामलों में केवल वाहन और आरोपियों तक कार्रवाई सीमित नहीं रखने, बल्कि बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच कर पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क तक पहुंचने के निर्देश दिए गए।
आदतन तस्करों की गैंग हिस्ट्रीशीट, संपत्ति अटैचमेंट और जब्त वाहनों के त्वरित राजसात की कार्रवाई करने कहा गया। अंतरराज्यीय सीमा से जुड़े मार्गों पर 24 घंटे सघन चेकिंग के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में रजनेश सिंह, उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर; शशि मोहन सिंह, उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायगढ़; भोजराम पटेल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुंगेली; सिद्धार्थ तिवारी, पुलिस अधीक्षक, कोरबा; मनोज खिलारी, पुलिस अधीक्षक, गौरेला-पेंड्रा- मरवाही; प्रफुल्ल ठाकुर, पुलिस अधीक्षक, सक्ती; विजय पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक, जांजगीर-चांपा; सुनील शर्मा, पुलिस अधीक्षक, सारंगढ़ शामिल हुए।
इसके अलावा सुरेखा चौबे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर; मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर;पंकज पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर; नुपुर उपाध्याय, SDOP कोटा; विवेक शर्मा, उप पुलिस अधीक्षक, रेंज पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर तथा एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के प्रभारी एवं विशेष नोडल अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।
IG की दो टूक—लापरवाही पर अफसरों की सीधे जवाबदेही
आईजी रामगोपाल गर्ग ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि कानून व्यवस्था को मजबूत करने, तकनीकी पोर्टल्स का शत-प्रतिशत इस्तेमाल सुनिश्चित करने और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि CCTNS/IT पोर्टल्स में लापरवाही, विवेचना में गंभीर त्रुटि और चालान की वैधानिक समय-सीमा के उल्लंघन को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय करते हुए कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
![]() | ![]() | ![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |









































