
रायपुर, 18 जून 2026। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्यगण सरला कोसरिया, ओजस्वी मंडावी तथा सुश्री दीपिका शोरी ने मंगलवार को रायपुर स्थित महिला आयोग कार्यालय में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई की। इस दौरान प्रदेश स्तर की 398वीं एवं रायपुर जिले की 187वीं जनसुनवाई आयोजित की गई।
पारिवारिक विवाद में बनी सहमति

सुनवाई के दौरान एक मामले में दादी ने अपनी डेढ़ वर्षीय पोती से मिलने का अधिकार दिलाने की मांग की। आयोग की समझाइश के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी कि बच्ची से मिलने के लिए दादी पक्ष को महीने में एक बार मायके जाकर मुलाकात करने की अनुमति होगी। वहीं बच्ची के पिता द्वारा प्रतिमाह एक हजार रुपये भरण-पोषण राशि देने पर भी सहमति बनी। इसके बाद प्रकरण का निराकरण कर दिया गया।
मृत निगम कर्मचारी के पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति की अनुशंसा

एक अन्य मामले में आवेदिका ने बताया कि उनके पति नगर निगम रायपुर में चौकीदार के पद पर कार्यरत थे और वर्ष 2016 में सेवा के दौरान उनका निधन हो गया था। अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन देने के बावजूद अब तक परिवार के किसी सदस्य को नौकरी नहीं मिली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला आयोग ने आवेदिका के पुत्र को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने की अनुशंसा करने का निर्णय लिया है।
कथित बच्चा अदला-बदली मामले की होगी जांच

जनसुनवाई में एक गंभीर मामले में आवेदिका ने आरोप लगाया कि सरोगेसी के माध्यम से जन्मे उसके जुड़वां बच्चों में से पुत्र को बदलकर दूसरी बच्ची सौंप दी गई थी। आवेदिका ने दावा किया कि डीएनए रिपोर्ट में बच्ची का जैविक संबंध माता-पिता से नहीं मिला है और उसका पुत्र दंतेवाड़ा जिले में होने की आशंका है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए महिला आयोग ने जांच के लिए अपनी सदस्यीय टीम गठित करने का निर्णय लिया है। आयोग की सदस्यगण दंतेवाड़ा कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मामले की जांच, डीएनए परीक्षण और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी, ताकि तथ्य सामने आ सकें और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों से जुड़े मामलों में आयोग पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहा है तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
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