सभापति डिग्री लाल साहू की अध्यक्षता में आयोजित सामान्य सभा में विकास कार्यों, चौक-चौराहों के नामकरण, सड़क निर्माण, जल व्यवस्था एवं शहर के सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा

रायगढ़। नगर निगम की सामान्य सभा का आयोजन बुधवार, 4 नवंबर 2026 को निगम सभा कक्ष में हुआ। सामान्य सभा में शहर के विकास, नागरिक सुविधाओं के विस्तार, अधोसंरचना निर्माण, विभिन्न चौक-चौराहों के नामकरण एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों से संबंधित 14 एजेंडा पर चर्चा की गई। सभा में प्रस्तुत सभी प्रस्तावों पर विचार-विमर्श के उपरांत स्वीकृत किये गए।
सामान्य सभा में शहर के विकास को गति देने और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत बाजार भवन निर्माण, सड़क विकास कार्य, जल प्रदाय व्यवस्था के संचालन एवं संधारण, सार्वजनिक स्थलों के नामकरण तथा शहर के विभिन्न क्षेत्रों के विकास से संबंधित प्रस्ताव प्रमुख रहे।

विचार विमर्श एवं चर्चा के दौरान एजेंडा से संबंधित किए गए प्रश्नों के साकारात्मक उत्तर संबंधित अधिकारियों सहित कमिश्नर बृजेश सिंह क्षत्रिय एवं कार्यपालन अभियंता अमरेश लोहिया ने दिए। सम्मेलन के कार्रवाई के दौरान निगम के सभी विभाग प्रमुख अधिकारी कर्मचारी सहित सभी कर्मचारी पार्षदगण, एल्डरमैनगण, प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
प्यासा मैदान का होगा उन्नयन और राजमहल चौक से सर्किट हाउस चौक तक होगा सड़क विकास कार्य

सामान्य सभा में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के अंतर्गत प्यासा मैदान के उन्नयन कार्य लगभग 4 करोड़ 92 लाख रुपये की लागत से होगा। इसी तरह शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने एवं सड़क अधोसंरचना को बेहतर करने के उद्देश्य से राजमहल चौक से सर्किट हाउस चौक तक सड़क उन्नयन कार्य के लिए लगभग 6 करोड़ 41 से होगा। चर्चा के उपरांत प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
शहर के चौक-चौराहों एवं उद्यानों के नामकरण को मिली मंजूरी
सामान्य सभा में शहर के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों के नामकरण से संबंधित प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इनमें प्रमुख रूप से पुराने किसान राइस मिल क्षेत्र में विकसित हो रहे ऑक्सीजन उद्यान का नाम विकसित भारत संकल्प उद्यान रखने, शहर के उर्दना सीएमओ तिराहा का नाम विकसित भारत संकल्प सेवा चौक रखने, वार्ड क्रमांक 22 एवं 23 में स्थित पक्की खोली का नाम श्री झूलेलाल कॉलोनी तथा कच्ची खोली का नाम संत कंवर राम कॉलोनी रखने के प्रस्ताव स्वीकृत किया गया। इसी तरह अंतरराज्यीय बस स्टैंड का नाम डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दूध डेयरी चौक आक्सीजोन का नाम केशव कुंज तथा पंचतत्व गार्डन का नाम वेदमणि सिंह ठाकुर उद्यान किए जाने सहित अन्य प्रस्ताव भी शामिल रहे।
शहर की जल व्यवस्था के संचालन एवं संधारण पर निर्णय
निगम क्षेत्र में संचालित 17 एमएलडी एवं 32 एमएलडी जल प्रदाय संयंत्रों के संचालन एवं संधारण से संबंधित प्रस्ताव पर भी सामान्य सभा में विचार किया गया। नागरिकों को नियमित एवं सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इस विषय पर चर्चा कर आवश्यक निर्णय लिया गया।
व्यापारिक एवं सार्वजनिक स्थलों के व्यवस्थित विकास पर चर्चा
सामान्य सभा में शहर के व्यापारिक क्षेत्रों एवं सार्वजनिक स्थलों के व्यवस्थित विकास से संबंधित विषयों पर भी चर्चा हुई। परिवहन नगर क्षेत्र में निर्मित दुकानों की स्थिति, पुराने जर्जर दुकानों के पुनर्विकास, मुर्गी-मटन बाजार के व्यवस्थित संचालन एवं अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों पर विचार किया गया। संबंधित प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान करते हुए आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
नागरिकों की सुविधा के साथ शहर विकास पहली प्राथमिकता
महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि नगर निगम रायगढ़ की प्राथमिकता शहर का समग्र विकास और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सामान्य सभा में प्रस्तुत प्रस्ताव शहर के विकास, व्यवस्थित व्यापारिक गतिविधियों, बेहतर सड़क एवं जल व्यवस्था तथा सार्वजनिक स्थलों के सौंदर्यीकरण से जुड़े हैं। सभी जनप्रतिनिधियों के सहयोग से रायगढ़ को आधुनिक, सुव्यवस्थित एवं सुविधायुक्त शहर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूरा कराना निगम की जिम्मेदारी है।
शहर विकास के हित में लिए गए साकारात्मक निर्णय
सभापति डिग्री लाल साहू ने कहा कि सामान्य सभा नगर निगम की लोकतांत्रिक कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण मंच है, जहां शहर के विकास एवं नागरिक हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा कर निर्णय लिए जाते हैं। सामान्य सभा में प्रस्तुत प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया तथा जनहित एवं शहर के विकास को ध्यान में रखते हुए स्वीकृति प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि नगर निगम के सभी विकास कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जनहित को प्राथमिकता दी गई है।





