
पॉम मॉल से छात्रावासों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचा साइबर जागृति अभियान, करीब 1200 नागरिक हुए जागरूक
कोरबा, 23 अगस्त 2026। डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के मामलों के बीच कोरबा पुलिस ने नागरिकों को जागरूक करने के लिए साइबर जागृति अभियान को और तेज कर दिया है। रविवार को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए करीब 1200 नागरिकों, छात्र-छात्राओं और युवाओं को साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए गए।

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान के तहत शहर के पॉम मॉल में वीकेंड के दौरान विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां पुलिस टीम ने आम नागरिकों को साइबर अपराध के बदलते तरीकों और उनसे बचने के लिए जरूरी सावधानियों की जानकारी दी।

UPI से लेकर फर्जी APK तक समझाए ठगी के नए तरीके

कोतवाली, बालको, दर्री, दीपका, बांकीमोंगरा, सिविल लाइन, पाली, बांगो, रजगामार सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने छात्रावासों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर जागरूकता कार्यक्रम किए।
पाली के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, कटघोरा के ग्राम घड़ीपकना, दीपका के ग्राम झाबर, बांकीमोंगरा के मैगजीन ग्राउंड, दर्री के भवानी बाजार, करतला के ग्राम बांधापाली, रजगामार के ओमपुर बाजार, हरदीबाजार के ग्राम बोईदा, चैतमा के ग्राम पोटापानी, पसान के आदिम जाति बालक छात्रावास, बांगो के बालक छात्रावास पोड़ी और मोरगा के बालक छात्रावास में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
पुलिस ने UPI फ्रॉड, बैंक फ्रॉड, OTP फ्रॉड, फर्जी कॉल, अनजान लिंक, संदिग्ध APK फाइल, फर्जी वेबसाइट और पासवर्ड संबंधी धोखाधड़ी से बचने के तरीके समझाए।
OTP और UPI PIN को लेकर विशेष सावधानी की समझाइश
पुलिस टीमों ने नागरिकों को स्पष्ट रूप से समझाया कि OTP, UPI PIN, ATM/बैंक संबंधी जानकारी और पासवर्ड किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करने या फर्जी वेबसाइट पर अपनी व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी दर्ज करने से बचने की सलाह दी गई।
ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत
कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो घबराने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें अथवा cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें। पुलिस के अनुसार, ठगी के बाद जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, उतनी ही जल्दी ठगी की रकम को रोकने की संभावना बढ़ती है।
कोरबा पुलिस का संदेश साफ है—साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार सतर्कता है। डिजिटल सुविधा का उपयोग करें, लेकिन अपनी गोपनीय जानकारी की सुरक्षा को कभी नजरअंदाज न करें।
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