
24वीं किश्त की राशि आई खाते मेे, महिलाओं में बढ़ा आत्मविश्वास

जांजगीर-चांपा/ जिला मुख्यालय निवासी सुलेश्वरी यादव उन महिलाओं में से एक हैं, जिनके जीवन में महतारी वंदन योजना ने नई उम्मीद, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की रोशनी भरी है। पहले आर्थिक तंगी के कारण उनका परिवार रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए संघर्ष करता था, लेकिन आज यही योजना उनके सपनों को साकार करने का मजबूत सहारा बन गई है। ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी सुलेश्वरी का जीवन हमेशा संघर्षों से भरा रहा। सीमित आय और बढ़ती महंगाई के बीच तीन बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, घर का खर्च और भविष्य की जिम्मेदारियां निभाना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। वे अपने पति और तीन बच्चों के साथ जांजगीर में रहती हैं। घर के कामकाज के साथ-साथ सिलाई का कार्य कर वे परिवार की आय में सहयोग करती हैं, फिर भी सीमित संसाधनों के कारण परिवार की सभी जरूरतें पूरी कर पाना उनके लिए आसान नहीं था।
ऐसे में महतारी वंदन योजना उनके लिए संबल बनकर सामने आई। योजना के तहत हर माह मिलने वाली 1000 रुपये की सहायता राशि ने उनके जीवन में बड़ा बदलाव लाना शुरू कर दिया। सुलेश्वरी ने इस महतारी वंदन से मिलने वाली सहायता राशि को बचत करना शुरू किया और पैसे को सही दिशा में उपयोग किया। धीरे-धीरे यही छोटी-छोटी बचत उनके आत्मनिर्भर बनने की मजबूत नींव बनती गई। हाल ही में योजना की 24वीं किश्त के रूप में उन्हें 1000 रुपये की राशि प्राप्त हुई। इस राशि का उपयोग वे अपने बच्चों की पढ़ाई, किताब-कॉपी, स्कूल की फीस और घर की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। अब तक मिली सहायता से उन्होंने अपने सपनों को नया आकार देना शुरू कर दिया है।
सुलेश्वरी कहती हैं कि महतारी वंदन योजना से मुझे बहुत सहारा मिला है। पहले मैं छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी परेशान रहती थी, लेकिन अब मुझे भरोसा है कि मैं अपने पैरों पर खड़ी हो सकती हूं। सरकार की इस मदद से मेरा सपना धीरे-धीरे पूरा हो रहा है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण योजना के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता ने जरूरतमंद महिलाओं को सच्चे अर्थों में आर्थिक संबल प्रदान किया है। उनके अनुसार यह योजना केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और आत्मविश्वास को बढ़ाने की पहल है।
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