लोकसभा निर्वाचन 2024 : अनिवार्य सेवा अंतर्गत पत्रकार सहित अधिकारी- कर्मचारियों ने किया डाक मतपत्र से मतदान
जिले के पत्रकारों ने निर्वाचन आयोग के पहल की सराहना






जांजगीर-चांपा 01 मई 2024/ कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी आकाश छिकारा के निर्देशन में लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 निर्वाचन कर्तव्य पर तैनात सभी कर्मचारियों, अधिकारियों एवं अनुपस्थित-अनिवार्य सेवा अंतर्गत मीडिया के प्रतिनिधि सहित अधिकारी-कर्मचारियों ने डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान किया। इसी कड़ी में आज रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय जांजगीर में अनिवार्य सेवा के मतदाता कर्मचारियों ने अपना मताधिकार का प्रयोग करते हुए मतदान किया। डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान के लिए मतदाताओं द्वारा बारी बारी से अपने मताधिकार का प्रयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही सुविधा केन्द्र में बनाये गए सेल्फी प्वाइंट में मतदाता उत्साहपूर्वक अपनी सेल्फी भी खिंचवा रहें हैं। उप संचालक सांख्यिकी पायल पांडेय ने बताया कि डाक मत पत्र सुविधा केंद्र में तीसरे दिन अनिवार्य सेवा अंतर्गत 14 वोट डाले गए जिनमें 5 जिले के पत्रकारों ने, सुविधा केन्द्र में 92 अधिकारी कर्मचारियों ने डाक मतपत्र के माध्यम से मतदान किया है एवं होम वोटिंग के माध्यम 72 मे से 71 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। साथ ही 4 ईटीपीबी के माध्यम से मत पत्र प्राप्त हुए।
डाक मतपत्र से मतदान के लिए रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय जांजगीर में बनाए गए सुविधा केंद्र में पहुंचे कोमल शुक्ला ब्यूरो चीफ नईदुनिया ने कहा कि मतदान देश के मतदाताओं को मिला बहुत ही महत्वपूर्ण अधिकार और कर्तव्य भी है। मताधिकार का प्रयोग कर हम देश में बेहतर सरकार बना सकते है। निर्वाचन आयोग द्वारा पत्रकारों को डाक मतपत्र की सुविधा दी गई है वह सराहनीय है। अपने दायित्व के निर्वहन के दौरान पत्रकार मतदान के दिन बूथ से दूर होने के कारण अब वोट से वंचित नही रहेंगे। दैनिक भास्कर के ब्यूरो चीफ पवन शर्मा ने कहा कि भारतीय संसदीय इतिहास में पहली बार पत्रकारिता को अनिवार्य सेवा में शामिल किया गया, यह चुनाव आयोग का बेहतरीन प्रयास है, चुनाव आयोग इसके लिए साधुवाद का पात्र है। पहली बार मिले इस मौके का उपयोग करते हुए मतदान करने का मौका मिलने पर इतिहास का हिस्सा बनना व्यक्तिगत मेरे लिए सुखद है। आने वाली पीढ़ी को हम गर्व से बता भी सकेंगे कि पत्रकारों को अनिवार्य सेवा में शामिल किया गया तो हम पहले वोटर थे और हमने मतदान किया था। चुनाव के दिन काम की अधिकता होने के कारण कुछ पत्रकार साथी वोट नहीं डाल पाते उनके लिए इससे बेहतर विकल्प हो नहीं सकता।
पवन अग्रवाल ब्यूरो चीफ दैनिक स्वदेश ने कहा सबसे पहले मै भारत निर्वाचन आयोग को धन्यवाद ज्ञापित करना चाहता हूं। लोकसभा निर्वाचन में मीडिया कर्मियों को अनिवार्य सुविधा दी गई है। उन्होंने कहा मीडिया कर्मी मतदान के दिन कव्हरेज के चलते व्यस्त रहते हैं जिससे वह मतदान नहीं पाते। लेकिन इस बार निर्वाचन आयोग ने पत्रकारों के लिए डाक मतपत्र के माध्यम से विशेष सुविधा दी है जिसका लाभ लेकर मैने अपना मतदान किया है और उन्होंने सभी से अपील कि आप अपने मताधिकार का प्रयोग कर देश के लोकतंत्र को मजबूत बनायें। नेशन वन के जिला प्रतिनिधि श्री दीपक कुमार यादव ने कहा कि आज मैने अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए डाक मतपत्र के द्वारा मतदान किया है। पिछले 15 सालों से मै पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूं। इस दौरान मतदान के दिन रिपोर्टिंग के कारण कई बार मतदान करने के वंचित हुआ हूं। लेकिन निर्वाचन आयोग ने इस बार पत्रकारों के लिए डाक मत पत्र की सुविधा प्रदान की है इसका प्रयोग कर मैने देश के लोकतंत्र में अपनी सहभागिता निभाई है।
रोहित शुक्ला जिला प्रतिनिधि बीएसटीव्ही ने बताया कि मतदान के दिन मीडिया से जुड़े प्रतिनिधि दिन भर रिपोर्टिंग कार्य के लिए फिल्ड में रहते हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा की गई सुविधा ने हम सभी पत्रकारों लोकतंत्र की इस पर्व में अपना मताधिकार प्रयोग करने का अवसर दिया है। आज डाक मतपत्र के माध्यम से मैने अपने मताधिकार का प्रयोग कर एक सजग मतदाता के कतर्व्य को निभाया है। शैलेन्द्र श्रीवास ने कहा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में सभी मतदाता अपने मतो का प्रयोग कर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए मतदान अवश्य करें आज मैने अपना मतदान कर लोकतंत्र की इस कड़ी में अपना योगदान दिया है। प्रकाश साहू जिला प्रतिनिधि एशिएन न्यूज ने भी अपना मताधिकार का प्रयोग किया। इसके साथ अनिवार्य सेवा के मतदाता कर्मचारियों सहित सुविधा केन्द्र में अधिकारियों- कर्मचारियों ने अपना मताधिकार का प्रयोग करते हुए मतदान किया और निर्वाचन आयोग को इस सुविधा की सराहना की।
![]() | ![]() | ![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |









































