
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर अंबिकापुर में आयोजित हुई राज्य महिला आयोग की विशेष सुनवाई




अंबिकापुर, 09 मार्च 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक के नेतृत्व में महिलाओं को त्वरित राहत प्रदान करने के उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सरगुजा संभाग के लिए महा जन-सुनवाई का आयोजन जिला पंचायत सभाकक्ष, अंबिकापुर में किया गया। यह सुनवाई सरगुजा संभाग में आयोजित महा जन-सुनवाई के साथ ही प्रदेश स्तर की 371वीं तथा जिला स्तर की 10वीं सुनवाई रही।
महा जन-सुनवाई में सरगुजा संभाग के अंतर्गत आने वाले जिलों सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी- भरतपुर एवं जशपुर के कुल 101 प्रकरणों की एक साथ सुनवाई की गई। इनमें से 30 प्रकरणों का निराकरण करते हुए उन्हें नस्तीबद्ध किया गया, जबकि अन्य प्रकरणों में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
जिला-वार प्राप्त प्रकरणों में सरगुजा जिले के 35 में से 05 प्रकरण, जशपुर के 18 में से 09 प्रकरण, सूरजपुर के 18 में से 10 प्रकरण, बलरामपुर के 06 में से 02 प्रकरण, कोरिया के 13 में से 03 प्रकरण तथा मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के 11 में से 02 प्रकरण नस्तीबद्ध किए गए। सुनवाई में दोनों पक्षों के कुल 80 पक्षकारों ने पंजीयन कराया, जबकि शेष पक्षकार अनुपस्थित रहे। उनके प्रकरण आगामी सुनवाई के लिए रखे जाएंगे।
सुनवाई के दौरान कई मामलों में दोनों पक्षों को सुनकर आवश्यक निर्देश दिए गए। कुछ मामलों में विवाह के समय दिए गए सामान की वापसी, भरण-पोषण, पारिवारिक विवाद, आपसी सहमति से समझौता तथा न्यायालय में लंबित मामलों पर विचार किया गया। एक प्रकरण में विवाह के समय दिए गए सामान की वापसी के लिए सूरजपुर की संरक्षण अधिकारी को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई तथा दोनों पक्षों को एक निर्धारित तिथि पर सामान के आदान-प्रदान और काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए।
एक अन्य प्रकरण में आवेदिका की बेटी के लापता होने के मामले में जांच के लिए पुलिस अधीक्षक बलरामपुर को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए। वहीं कुछ मामलों में न्यायालय में प्रकरण विचाराधीन होने के कारण उन्हें नस्तीबद्ध किया गया।
कुछ प्रकरणों की अगली सुनवाई 06 अप्रैल 2026 को रायपुर में निर्धारित की गई है।
महा जन-सुनवाई में सरगुजा संभाग के सभी जिला संरक्षण अधिकारी, केंद्र प्रशासिका, मिशन शक्ति के प्रतिनिधि तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के अधिकारियों का सहयोग रहा।
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