
बालोद। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने बालोद विकासखंड के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने संस्थागत प्रसव, टीकाकरण अभियान, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम और कुष्ठ रोग नियंत्रण अभियान की प्रगति का जायजा लेते हुए सभी स्वास्थ्य केंद्रों में शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने 14 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी सभी बालिकाओं का सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए शिक्षक-पालक समिति की बैठकों में स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रिय भागीदारी और पालकों को जागरूक करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आने वाले मरीजों के लिए ब्लड प्रेशर, शुगर, मानसिक स्वास्थ्य एवं अन्य बीमारियों की नियमित स्क्रीनिंग और जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही बिना किसी ठोस चिकित्सीय कारण के मरीजों को बड़े अस्पतालों में रेफर नहीं करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि स्वास्थ्य कर्मी सीधे आम जनता से जुड़े होते हैं, इसलिए प्रत्येक मरीज को बेहतर उपचार उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने घोषणा की कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को विभागीय समीक्षा बैठकों के साथ-साथ 15 अगस्त को आयोजित जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्मानित किया जाएगा।
बैठक में टीबी मुक्त भारत अभियान की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए संदिग्ध मरीजों की नियमित जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे.एल. उइके सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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