
जगदलपुर, 02 अगस्त 2026/ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र को सशक्त, आत्मनिर्भर और तकनीक-स्मार्ट बनाने की दिशा में बस्तर विकासखंड मुख्यालय में बीते दिवस व्यवसाय विकास सेवा प्रदाता एवं डिजिटल इंटीग्रेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘रैंप’ (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के प्रदर्शन को बढ़ाना और तेज़ करना) योजना के तहत यह कार्यशाला भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय और छत्तीसगढ़ राज्य शासन की पहल पर आयोजित हुई। छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के बैनर तले एक निजी सर्विसेज एजेंसी द्वारा संचालित इस विशेष सत्र का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों, सूक्ष्म-लघु उद्योगों और स्वयं सहायता समूहों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों व ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स से जोड़ना था, जिससे बस्तर के उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और बाजारोन्मुख बनाया जा सके।


कार्यशाला में क्षेत्र के 40 उद्यमियों और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया प्रमोशन, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम, वित्तीय प्रबंधन और व्यवसाय विस्तार की व्यावहारिक रणनीतियों की बारीकियां समझाईं। इस दौरान प्रतिभागियों ने विशेष रूप से बस्तर के पारंपरिक छत्तीसगढ़ी खाद्य उत्पादों—जैसे अचार, बड़ी, पापड़, मसाले और अन्य स्थानीय सामग्रियों की डिजिटल ब्रांडिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता सुधार और ऑनलाइन बिक्री के तरीकों में गहरा रुझान दिखाया।
कार्यक्रम के समापन पर विशेषज्ञों और वक्ताओं ने स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग, उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने और बिचौलियों के बिना सीधे बड़े बाजारों तक पहुँच बनाने के लिए डिजिटल माध्यमों को अपनाने की प्रेरणा दी। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों ने इस सत्र को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताते हुए भविष्य में भी ऐसे व्यावहारिक और तकनीक- आधारित सत्र आयोजित किए जाने की बात कही। इस सफल आयोजन को संपन्न कराने में मास्टर ट्रेनर बीर सिंह चतुर्वेदी, जिला समन्वयक अजय कुमार साहू, बीपीएम अमित, एरिया कोऑर्डिनेटर रेणुका दुर्गम एवं जिला उद्योग व व्यापार केंद्र से सुमन सेठिया का विशेष योगदान रहा।
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