
रायगढ़। जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत चक्रधरनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ग्राम नटवरपुर के जंगल में संचालित अवैध महुआ शराब निर्माण स्थल पर दबिश देकर 65 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की है। कार्रवाई के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिलेभर में अवैध शराब और नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना प्रभारी राकेश मिश्रा को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम नटवरपुर के जंगल में कुछ लोग कच्ची महुआ शराब का निर्माण कर बिक्री की तैयारी कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दो संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान फुल सिंह धनवार (25 वर्ष) और दुआरू धनवार (40 वर्ष), निवासी ग्राम नटवरपुर, थाना चक्रधरनगर के रूप में हुई।
तलाशी के दौरान फुल सिंह धनवार के कब्जे से दो धातु के बर्तनों और एक प्लास्टिक जरीकेन में भरी 35 लीटर कच्ची महुआ शराब बरामद की गई। वहीं दुआरू धनवार के पास से एक बड़े ट्यूब में रखी 30 लीटर कच्ची महुआ शराब जब्त की गई। इस तरह कुल 65 लीटर अवैध महुआ शराब, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 13 हजार रुपये बताई गई है, पुलिस ने जब्त कर ली।
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने शराब निर्माण और बिक्री की बात स्वीकार की, लेकिन कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद चक्रधरनगर थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) एवं 59(क) के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि ऑपरेशन आघात के तहत अवैध शराब और नशे के कारोबार पर लगातार प्रभावी प्रहार किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज में अवैध नशे के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा और ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक दिलीप भानु, प्रधान आरक्षक रविकिशोर साय तथा आरक्षक संदीप कौशिक और चन्द्र कुमार बंजारे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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