एनजीडीआरएस प्रणाली से आसान हुआ रजिस्ट्री कराना
आसानी से कर सकते हैं ऑनलाइन एण्ट्री, दस्तावेज अपलोड

जांजगीर-चांपा 06 मार्च 2024/ जिले में एनजीडीआरएस प्रणाली लागू होने के बाद से जमीन की रजिस्ट्री का कार्य आसान हो गया है। अब जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए इंतजार नही करना पड़ता है बल्कि अपने समय अनुसार वह रजिस्ट्री का पंजीयन करा लेते हैं। जिले में जांजगीर-चांपा के उप पंजीयक कार्यालय जांजगीर, अकलतरा, चांपा, पामगढ़, नवागढ़ में एनजीडीआरएस प्रणाली के माध्यम से दस्तावेजों का पंजीयन किया जा रहा है। इससे नागरिकों को ई पंजीयन प्रणाली की तरह अब अधिक समय नहीं लगता हैं।
जिले में 5 फरवरी 2024 से एनजीडीआरएस प्रणाली के माध्यम से रजिस्ट्री का कार्य किया जा रहा है। जिसमें पक्षकारों के सुविधा अनुसार एनजीडीआरएस साफ्टवेयर में नागरिकों, अधिवक्ताओं एवं दस्तावेज लेखक द्वारा दस्तावेज की एंट्री स्वयं की जाती है। इसका यह लाभ है कि दस्तावेज एंट्री में त्रुटि होने की संभावना कम रहती है तथा लोग अपने घर, कार्यालय से ऑनलाईन एंट्री कर दस्तावेजों को अपलोड कर सकते हैं। रजिस्ट्री हेतु एंट्री एवं अपलोडिंग की प्रक्रिया को पूरा कर अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। दस्तावेज एंट्री में दस्तावेज से संबंधित कोई भी जानकारी अपूर्ण या सही न होने की स्थिति में रिवर्ट का ऑप्शन दिया गया है, जिसे पक्षकार तत्काल सुधार कर वापस अपने सुविधानुसार अपॉइंटमेंट ले सकते हैं, जो कि यह सुविधा ई-पंजीयन सॉफ्टवेयर में नहीं था। जिला पंजीयक द्वारा बताया गया कि फरवरी में जिले के 5 उप पंजीयक कार्यालयों में 1192 दस्तावेज पंजीबद्ध किया गये। उप पंजीयक कार्यालय जांजगीर में 428, चांपा में 250, पामगढ़ में 208, नवागढ़ में 190 और अकलतरा में 116 दस्तावेजों को पंजीबद्ध किया गया है।
सरलता और सुगमता से हो जाता है पंजीयन
एनजीडीआरएस प्रणाली के लागू होने के बाद से बड़े ही सरलता और सुगमता के साथ कम समय में पंजीयन हो जाता है। जांजगीर-चांपा निवासी सुरेन्द्र राठौर बताते हैं कि उनके द्वारा इस प्रणाली के माध्यम से बड़े ही आसानी के साथ दानपत्र का पंजीयन कराया गया। वहीं रायुपर निवासी आयुष बजाज बताते है कि एनजीडीआरएस प्रणाली के माध्यम से रजिस्ट्री के लिए अपनी सुविधानुसार अपॉइंटमेंट लेकर उप पंजीयक कार्यालय में दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किया। इससे अनावश्यक समय खराब होने से बच गया और आसानी से रजिस्ट्री का कार्य हो गया।
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