
साइबर ठगी से बचाव के लिए कोरबा पुलिस का अनोखा ‘साइबर सुरक्षा बंधन’





कोरबा, 28 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के पर्व पर जहां भाई-बहन के रिश्ते में सुरक्षा और विश्वास का संकल्प लिया गया, वहीं कोरबा पुलिस ने इसी भावना को साइबर सुरक्षा से जोड़ते हुए ‘साइबर सुरक्षा बंधन’ के रूप में जागरूकता की नई पहल की। जिले में चल रहे साइबर जागृति अभियान के दूसरे सप्ताह में पुलिस टीमों ने विभिन्न बैंकिंग संस्थानों, औद्योगिक क्षेत्रों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए।
पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं नितीश ठाकुर के मार्गदर्शन में कोतवाली, बालको, दर्री, दीपका, बांकीमोंगरा, सिविल लाइन, पाली, बांगो, रजगामार, चैतमा सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
राखी बनी साइबर सुरक्षा का संदेश
अभियान की सबसे खास बात रही ‘जागरूकता की राखी’। पुलिस ने लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहने का संदेश देते हुए जागरूकता की राखी के साथ सेल्फी अभियान चलाया। नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक सेल्फी लेकर उसे सोशल मीडिया पर साझा किया। इस पहल के जरिए पुलिस ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि जिस तरह राखी सुरक्षा के वचन का प्रतीक है, उसी तरह साइबर सुरक्षा के लिए सतर्कता भी हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
बाजार से बैंक तक पहुंची साइबर सुरक्षा की पाठशाला
दीपका थाना परिसर, सर्वमंगला चौक, कटघोरा बस स्टैंड, दर्री स्थित हीरो एजेंसी, हरदीबाजार बस स्टैंड एवं आसपास के दुकानों, उरगा चौक तथा करतला के रामपुर और बेहरछुआ साप्ताहिक बाजार में पुलिस टीमों ने नागरिकों से संवाद किया।
इस दौरान UPI फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड, OTP ठगी, फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी, संदिग्ध APK फाइल और फर्जी वेबसाइट सहित साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों की जानकारी दी गई। पुलिस ने समझाया कि साइबर ठग अलग-अलग बहानों से लोगों से गोपनीय जानकारी हासिल कर उनके बैंक खाते तक पहुंच बनाने का प्रयास करते हैं।
एक छोटी सी लापरवाही पड़ सकती है भारी
पुलिस ने लोगों से स्पष्ट रूप से कहा कि OTP, UPI PIN, पासवर्ड और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करने और फर्जी वेबसाइट पर बैंकिंग जानकारी दर्ज करने से भी बचने की सलाह दी गई।
ठगी हो जाए तो तुरंत करें कार्रवाई
कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे साइबर ठगी का शिकार होते हैं तो घबराने के बजाय तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें। समय पर की गई शिकायत ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने में महत्वपूर्ण हो सकती है।
कोरबा पुलिस का संदेश साफ है—राखी सिर्फ रिश्तों की सुरक्षा का वचन नहीं, अब डिजिटल दुनिया में भी सुरक्षा की याद दिलाने का माध्यम है। इसलिए जागरूक रहें, सतर्क रहें और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं।
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