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बालको के सेवानिवृत कर्मचारियों ने किया संयंत्र भ्रमण

कोरबा,बालकोनगर,13 जुलाई 26 वर्षों पहले जिस संयंत्र की मशीनों की आवाज़ उनकी दिनचर्या का हिस्सा थी, जिन कार्यस्थलों पर उन्होंने अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष बिताए और जिसकी प्रगति में अपना योगदान दिया, उसी बालको संयंत्र में लौटना सेवानिवृत कर्मचारियों के लिए केवल एक भ्रमण नहीं, बल्कि यादों की एक भावनात्मक यात्रा बन गया।

वेदांता एल्यूमिनियम मेटल लिमिटेड की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने सेवानिवृत कर्मचारियों के लिए संयंत्र भ्रमण का आयोजन किया। इस अवसर पर वर्षों तक बालको की प्रगति में योगदान देने वाले कर्मचारियों ने एक बार फिर अपने कार्यस्थल का दौरा किया और पुरानी यादों को ताज़ा करते हुए भावुक हो उठे।

भ्रमण के दौरान सेवानिवृत कर्मचारियों ने स्मेल्टर, कास्ट हाउस, पावर प्लांट तथा अन्य प्रमुख इकाइयों का अवलोकन किया। कभी जिन इकाइयों में उन्होंने स्वयं काम किया था, आज वहां आधुनिक तकनीकों, उन्नत सुरक्षा मानकों, डिजिटलीकरण और बढ़ती उत्पादन क्षमता को देखकर उन्होंने बालको की विकास यात्रा की सराहना की। कंपनी के प्रतिनिथि विजय बाजपेयी एवं प्रखर सिंह ने उन्हें कंपनी की वर्तमान उपलब्धियों, विस्तार योजनाओं और भविष्य की विकास यात्रा से भी अवगत कराया।

इस अवसर पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेशक राजेश कुमार सिंह ने कहा, “हमारे कर्मचारी कंपनी का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्होंने दशकों से बालको की सफलता का मार्ग प्रशस्त किया है। अपने पूर्व सहकर्मियों का पुनः स्वागत करना और उन्हें उस कंपनी की प्रगति का साक्षी बनते देखना हमारे लिए गौरवपूर्ण अनुभव रहा, जिसके निर्माण और विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। उनका योगदान सदैव बालको की गौरवशाली विरासत का अभिन्न हिस्सा रहेगा और उसी प्रतिबद्धता के साथ अपनी विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए हमें निरंतर प्रेरित करता रहेगा।”

सेवानिवृत कर्मचारियों ने इस पहल के लिए बालको प्रबंधन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों बाद संयंत्र का दौरा करना उनके लिए गर्व और भावनाओं से भरा अनुभव रहा। सेवानिवृत कर्मचारियों ने कंपनी के साथ बिताए अपने वर्षों को याद किया और अपने अनुभव साझा किए। बालको केवल उनका कार्यस्थल नहीं, बल्कि उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक स्वरूप में विकसित होते बालको को देखकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई और विश्वास है कि कंपनी भविष्य में भी औद्योगिक उत्कृष्टता तथा राष्ट्र निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देती रहेगी।

सेवानिवृत कर्मचारी रघुवर प्रसाद पटेल ने बताया, मैं स्मेल्टर में कार्य करता था जहां पहले एक लाख टन उत्पादन होता था अब वहीं बालको 10 लाख टन उत्पादन की तरफ अपना कदम बढ़ा चुका है। बालको का विकास 2005 के बाद से उत्तरोत्तर होते गया है। कंपनी लगातार टाउनशिप के सौंदर्यीकरण का कार्य कर रहा है।

सेवानिवृत कर्मचारी बंसत तिवारी बताया, बालको प्लांट निरंतर प्रगति के साथ सुंदर और सुव्यवस्थित हो गया है तथा सुरक्षा प्रथम को प्राथमिकता दी जा रही है। बालको प्रबंधन से कामना करते है कि इसी तरह सेवानिवृत कर्मचारियों को संयंत्र भ्रमण की संस्कृति को जारी रखे।

सेवानिवृत कर्मचारी सनत कुमार सोंधिया ने बताया प्लांट शुरूआत में एक पौधे जैसा अब यह एक बड़े बरगद के स्वरूप में बदल चुका है। आज इसकी छाया में सभी कर्मचारी तरक्की कर रहा है। एआई ने सुरक्षा को काफी हद तक सशक्त बनाया है जो हमें प्लांट मे देखने को मिला। कंपनी का आज भी सुरक्षित कार्यस्थल को प्राथमिकता देना बालको के लिए गौरव एवं गरिमा की बात है।

यह संयंत्र भ्रमण अतीत की स्मृतियों और वर्तमान की उपलब्धियों के मिलन का अवसर बना। जिन हाथों ने कभी बालको की मजबूत नींव तैयार करने और उसकी विकास यात्रा को आगे बढ़ाने में योगदान दिया, उन्हीं सेवानिवृत कर्मचारियों ने आज आधुनिक और विस्तारित होते संयंत्र को करीब से देखा।
बालको अपने कर्मचारियों और सेवानिवृत कर्मचारियों के साथ मजबूत संबंध बनाए रखने में विश्वास करता है। ऐसे आयोजन न केवल कंपनी की समृद्ध विरासत का सम्मान करते हैं, बल्कि विभिन्न पीढ़ियों के बीच अनुभव, ज्ञान और प्रेरणा के आदान-प्रदान को भी प्रोत्साहित करते हैं।

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