प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर, सुमित्रा के लिए बना सहारा
स्व. लखनलाल पटेल की स्मृतियों के सहारे सुमित्रा पटेल कर रहीं पीएम आवास में जीवनयापन

जांजगीर-चांपा, 17 जून 2025/ जिले के जनपद पंचायत बलौदा अंतर्गत ग्राम पंचायत बिरगहनी (च) निवासी स्व.लखन लाल पटेल, जो कि बेहद गरीब स्थिति में अपनी पत्नी सुमित्रा पटेल के साथ एक जर्जर मिट्टी के मकान में जीवन यापन कर रहे थे, ऐसे में जब उनके परिवार के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) बना तो वह बेहद ही खुश हुए, लेकिन कुछ समय पहले ही स्व. लखनलाल की आकस्मिक मृत्यु हो जाने के चलते यह पीएम आवास में अपने पति की यादों के सहारे अब सुमित्रा पटेल रह रही हैं।
स्व. लखनलाल पटेल का परिवार खेती-किसानी की जमीन न होने से रोजी-रोटी के लिए मजदूरी पर निर्भर थे और खुद का पक्का मकान बनाना उनके लिए एक अधूरा सपना था। ऐसे में इस सपने को साकार करने के लिए दिनरात मेहनत करते थे, लेकिन आवास बनाने के लिए उतनी पूंजी मजदूरी करते हुए एकत्रित नहीं कर पा रहे थे, ऐसे में उनके सपनों को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण कारगर सिद्ध हुई। उनका नाम 2011 की स्थायी प्रतीक्षा सूची में सम्मिलित होने के चलते उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में स्वीकृति प्रदान की गई। इस योजना के अंतर्गत किश्तों के रूप में 1 लाख 20 हजार रूपए की राशि उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की गई। आवास के लिए प्राप्त सहायता राशि से स्व. लखन लाल पटेल एवं उनकी पत्नी सुमित्रा पटेल ने एक मजबूत एवं सपनों का पक्का आवास का निर्माण कराया। यह उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय साबित हुआ। दुर्भाग्यवश, हाल ही में श्री लखन लाल पटेल का निधन हो गया, किंतु उनकी पत्नी श्रीमती सुमित्रा पटेल आज उसी पक्के मकान में सुरक्षित रूप से रह रही हैं। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने हमें वह दिया जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी। पीएम आवास के साथ महात्मा गांधी नरेगा से मजदूरी और उज्जवला गैस कनेक्शन, एसबीएम से शौचालय की भी उन्हें सुविधा मिली है। उनके परिवार का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) हम जैसे गरीबों के लिए वरदान है। वह प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को बार-बार धन्यवाद देती है।
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