
जशपुर की जिला पंचायत सदस्य को मिली बड़ी जिम्मेदारी, देशभर के आदिवासी छात्र-युवाओं से सीधे संवाद करेंगी

नई दिल्ली, 01 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले की आदिवासी युवा नेत्री एवं जिला पंचायत सदस्य आशिका कुजूर को ‘छात्रों की गूंज’ अभियान की राष्ट्रीय संयोजक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया ने आदिवासी समाज के Gen-Z युवाओं और छात्रों से सीधा संवाद स्थापित करने तथा उन्हें संगठन से जोड़ने के उद्देश्य से विशेष समिति का गठन किया है।
आशिका कुजूर लंबे समय से जमीनी स्तर पर सक्रिय जनप्रतिनिधि के रूप में शिक्षा, छात्र-युवा हित, ग्रामीण विकास और आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाती रही हैं। युवाओं को सामाजिक एवं राजनीतिक भागीदारी के लिए प्रेरित करने और उनकी आवाज को उचित मंच तक पहुंचाने में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है।
देशभर के आदिवासी छात्रावासों तक पहुंचेगा अभियान
‘छात्रों की गूंज’ अभियान के तहत गठित विशेष समिति देशभर के आदिवासी छात्रावासों तक पहुंचकर छात्र-छात्राओं एवं युवाओं से सीधा संवाद करेगी। इस दौरान उनकी समस्याओं, आकांक्षाओं और विचारों को समझने के साथ उनकी आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। अभियान में अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय समन्वयकों और संबंधित प्रदेश अध्यक्षों का भी सहयोग लिया जाएगा।
यह पहल नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान और युवाओं को राजनीति एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बनाने की सोच को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
“यह पद नहीं, बड़ी जिम्मेदारी है” : आशिका कुजूर
राष्ट्रीय संयोजक बनाए जाने पर आशिका कुजूर ने अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया सहित पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए महज एक पद नहीं, बल्कि देशभर के आदिवासी छात्र-युवाओं की आवाज को सुनने, समझने और उसे राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का अवसर है।
उन्होंने कहा, “अब समय है अपनी आवाज बुलंद करने का। हम देश के हर आदिवासी छात्र तक पहुंचेंगे, उनकी बात सुनेंगे और उनके अधिकारों एवं भविष्य से जुड़े मुद्दों को मजबूती से राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करेंगे।”
आशिका कुजूर ने देशभर के आदिवासी छात्र-छात्राओं और युवाओं से अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि “आपकी आवाज आपकी ताकत है। आइए, जुड़िए, अपनी बात रखिए और आदिवासी युवाओं की गूंज को राष्ट्रीय शक्ति बनाइए।” उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा और उनके अधिकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
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