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सेलो बोर और कृषि यंत्रों पर अनुदान से खेती हुई आसान, बढ़ी आय और आत्मनिर्भरता

कृषि विभाग की योजना से बदली किसान परिवार की तस्वीर,आधुनिक तकनीकों से खेती बनी ‘हाईटेक’

अम्बिकापुर, 08 जुलाई 2026/ जिले में किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ शासन की कृषक हितैषी नीतियां एवं कृषि विभाग की योजनाएं ग्रामीण अंचलों में बदलाव की नई इबारत लिख रही हैं। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आर.के.वी.वाई.) तथा कृषि अभियांत्रिकी योजनाओं के माध्यम से किसानों को सिंचाई एवं आधुनिक कृषि यंत्रों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे खेती अब अधिक लाभकारी और सुगम बन रही है।

जिले के विकासखंड अम्बिकापुर के ग्राम नावाबांध निवासी किसान मुकुल राजवाड़े का परिवार कृषि विभाग की योजनाओं से लाभान्वित होकर उन्नत खेती की दिशा में आगे बढ़ रहा है। किसान मुकुल राजवाड़े ने बताया कि उनके परिवार को कृषि विभाग के माध्यम से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आर.के.वी.वाई.) अंतर्गत सेलो बोर (बोरवेल) की सुविधा एवं अनुदान प्राप्त हुआ। इसके साथ ही कृषि अभियांत्रिकी योजना के अंतर्गत ट्रैक्टर सहित विभिन्न आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ भी मिला, जिससे खेती करना पहले की अपेक्षा कहीं अधिक आसान हो गया है।

वर्षा की निर्भरता खत्म, अब वर्षभर हो रही है सिंचाई
उन्होंने बताया कि पहले सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण खेती पूरी तरह वर्षा पर निर्भर रहती थी, लेकिन सेलो बोर स्थापित होने के बाद अब वर्षभर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। इससे धान की नर्सरी (बीड़ा) तैयार करने में आसानी होती है तथा सब्जी की खेती भी नियमित रूप से की जा रही है। सिंचाई की बेहतर व्यवस्था के कारण उत्पादन में वृद्धि हुई है और अतिरिक्त आय के अवसर भी बढ़े हैं।

35 लाख के आधुनिक यंत्रों पर मिला 16 लाख का अनुदान
मुकुल राजवाड़े ने बताया कि उनके परिवार के पास वर्तमान में लगभग आठ से नौ एकड़ कृषि भूमि है, जहां आधुनिक तकनीकों के साथ खेती की जा रही है। ट्रैक्टर मिलने से खेत की जुताई, बुवाई एवं अन्य कृषि कार्य समय पर पूरे हो जाते हैं, जिससे श्रम और लागत दोनों में कमी आई है तथा खेती अधिक लाभदायक बनी है। उन्होंने बताया कि उनके पिता पवन राजवाड़े को कृषि अभियांत्रिकी योजना के अंतर्गत ट्रैक्टर, रोटावेटर, सीड ड्रिल, सिंचाई पंप, स्प्रेयर, रीपर एवं थ्रेशर जैसे आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए गए। इन कृषि यंत्रों की कुल लागत लगभग 35 लाख रुपये रही, जिसमें शासन द्वारा लगभग 16 लाख रुपये का अनुदान (छूट) प्रदान किया गया। इससे आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग संभव हुआ और खेती की उत्पादकता में वृद्धि हुई।

किसान मुकुल राजवाड़े ने कहा कि कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ मिलने से उनका परिवार आज उन्नत किसानों की श्रेणी में शामिल हो गया है। आधुनिक कृषि यंत्रों और सिंचाई सुविधाओं के कारण खेती अब अधिक सुविधाजनक, वैज्ञानिक और लाभकारी बन गई है।

उन्होंने इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाओं ने उनके परिवार की खेती को नई दिशा दी है। कृषि विभाग की योजनाओं से किसानों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आधुनिक कृषि को नई गति प्राप्त हो रही है।

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