
पुलिस, प्रशासन एवं सामाजिक संगठन के संयुक्त अभियान से बच्चों को मिला सुरक्षित बचपन का अधिकार

जशपुरनगर, 12 जून 2026/ विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर जशपुर जिले के ग्राम पंचायत सौगड़ा में बाल श्रम के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया गया। पुलिस, प्रशासन एवं सामाजिक संगठन समर्पित एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रेन के संयुक्त प्रयास से 14 बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त कराया गया। यह कार्रवाई राज्य शासन द्वारा जून माह को बाल श्रम विरोधी “एक्शन मंथ” के रूप में मनाने संबंधी निर्देशों के तहत की गई।

अभियान के दौरान विभिन्न वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत बच्चों की पहचान कर उन्हें बाल श्रम से मुक्त कराया गया। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि मुक्त कराए गए बच्चों की आयु 10 से 12 वर्ष के बीच है तथा वे पिछले कई महीनों से विभिन्न कार्यस्थलों पर मजदूरी कर रहे थे। बच्चों से प्रतिकूल एवं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक परिस्थितियों में लंबे समय तक कार्य कराया जा रहा था, जिससे उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।

बच्चों को मुक्त कराने के बाद संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ की गई है। साथ ही बच्चों को पुनर्वास, शिक्षा, मुआवजा एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

इस अवसर पर समर्पित एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रेन द्वारा जिले में व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया गया। अभियान में विभिन्न विभागों के अधिकारी, पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधि, सामुदायिक नेता एवं ग्रामीणजन शामिल हुए। लोगों को बाल श्रम, बाल तस्करी एवं बच्चों के अधिकारों के संबंध में जागरूक किया गया तथा बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का संदेश दिया गया।
समर्पित एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रेन के निदेशक डॉ. संदीप शर्मा ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, शिक्षा, सम्मान और संरक्षण का अधिकार है। बाल श्रम बच्चों को उनके मूल अधिकारों से वंचित करता है। उन्होंने कहा कि बच्चों की जगह मजदूरी स्थलों पर नहीं बल्कि विद्यालयों में है। संगठन भविष्य में भी जिला प्रशासन एवं कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर बाल तस्करी और बाल श्रम के विरुद्ध अभियान जारी रखेगा तथा प्रत्येक बच्चे के पुनर्वास और अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
उन्होंने बताया कि बाल तस्करी और बाल श्रम एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन नेटवर्क के सहयोग से देशभर में बाल तस्करी एवं बाल श्रम के मामलों की निगरानी की जाती है। इसी नेटवर्क की सहायता से अप्रैल 2023 से मार्च 2026 के बीच देशभर में 1.45 लाख से अधिक बच्चों को तस्करी और शोषण से मुक्त कराया गया है।
इस अभियान को सफल बनाने में ग्राम पंचायत सौगड़ा की सरपंच श्रीमती बांधो बाई, जिला समन्वयक अंजली ताम्रकार, बबीता ताम्रकार तथा संगठन के अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ग्रामीणों ने भी बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने और प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ने का संकल्प लिया।
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