
रायगढ़, 08 जून 2026। रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र स्थित एनआरवीएस स्टील प्लांट में हुई लाखों रुपये की संगठित चोरी का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। मामले में प्लांट के कर्मचारियों सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने चोरी गए 300 किलो एस.एस. स्क्रैप पाइप और वारदात में इस्तेमाल ईको वाहन सहित कुल 9.08 लाख रुपये का मशरूका बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार, एनआरवीएस स्टील लिमिटेड के प्रबंधक पवन अग्रवाल ने 6 जून की रात शिकायत दर्ज कराई थी कि प्लांट के स्क्रैप यार्ड से लगभग 300 किलो एस.एस. स्क्रैप पाइप चोरी हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पूंजीपथरा पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।
जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी का माल जंगल क्षेत्र में छिपाकर रखा गया है और आरोपी उसकी बिक्री की तैयारी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली।
फ्लाई ऐश में छिपाकर बाहर निकाला गया स्क्रैप
पुलिस जांच में सामने आया कि प्लांट के जेसीबी ऑपरेटर बृज कुमार खटकर ने स्क्रैप पाइप को फ्लाई ऐश (डस्ट) में दबा दिया था। इसके बाद लोडर चालक दीपक कुमार कश्यप ने पाइप को ट्रेलर में लोड कर ऊपर से फ्लाई ऐश भर दी। ट्रेलर चालक नंदकिशोर विश्वकर्मा चोरी के माल को प्लांट से बाहर निकालकर गेरवानी क्षेत्र ले गया। बाद में करन श्रीवास और राजेश पटेल ने ईको वाहन में पाइप लोड कर तराईमाल जंगल में छिपा दिया था।
आरोपियों की योजना समय मिलने पर चोरी के माल को बेचकर रकम आपस में बांटने की थी, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पूरा गिरोह पकड़ में आ गया।
संगठित अपराध की धारा जोड़ी गई
पुलिस ने मामले में चोरी की धारा के साथ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112(2) (संगठित अपराध) भी जोड़ी है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
बरामद मशरूका
300 किलो एस.एस. स्क्रैप पाइप – ₹1,08,000
ईको वाहन CG 13 BH 7556 – ₹8,00,000
कुल बरामदगी – ₹9,08,000
गिरफ्तार आरोपी
1. नंदकिशोर विश्वकर्मा (23 वर्ष)
2. राजेश कुमार पटेल (21 वर्ष)
3. करन श्रीवास (22 वर्ष)
4. दीपक कुमार कश्यप (24 वर्ष)
5. बृज कुमार खटकर (26 वर्ष)
एसएसपी का सख्त संदेश
रायगढ़ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों में चोरी, गबन और अंदरूनी मिलीभगत से अपराध करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। संगठित अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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