
एसपी विजय कुमार पांडेय ने प्रेसवार्ता में किया सनसनीखेज मंदिर चोरी का खुलासा
साइबर टीम की मदद से 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस
जांजगीर-चांपा, 5 अगस्त 2026। जिले के तीन प्रमुख मंदिरों में हुई लाखों रुपये की चोरी का जांजगीर-चांपा पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में एक विधि विरुद्ध संघर्षरत बालक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से मंदिरों से चोरी किए गए चांदी के छत्र, मुकुट, चक्र, सोने के आभूषण, दानपेटी एवं नगदी समेत करीब 16 लाख 60 हजार रुपये का शत-प्रतिशत चोरी का माल बरामद किया गया है।
मामले का खुलासा पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने प्रेसवार्ता आयोजित कर किया। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम देने से एक दिन पहले इसकी योजना बनाई थी। पुलिस ने आरोपियों के आने-जाने के रास्तों और घटनास्थलों के आसपास लगे 100 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज खंगालकर महत्वपूर्ण सुराग जुटाए।

एक ही रात में तीन मंदिर बने निशाना
पुलिस के मुताबिक, 1-2 अगस्त 2026 की दरम्यानी रात अज्ञात चोरों ने जिले के तीन मंदिरों को निशाना बनाया था। पहली वारदात थाना बम्हनीडीह क्षेत्र के रामजानकी मंदिर में हुई, जहां से दो चांदी के छत्र चोरी किए गए।
दूसरी चोरी थाना नवागढ़ क्षेत्र के ग्राम महंत स्थित चंडी दाई मंदिर में हुई। यहां चोरों ने देवी मंदिर में विराजमान नौ माताओं के सिर पर सजे चांदी के मुकुट, सोने के आभूषण और दानपेटी को निशाना बनाया।
इसी तरह तीसरी वारदात ग्राम जगमहंत के बद्री विशाल मंदिर में हुई, जहां से चांदी का छत्र चोरी किया गया। तीनों घटनाओं के संबंध में थाना नवागढ़ में दो तथा थाना बम्हनीडीह में एक अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी।
100 से अधिक CCTV फुटेज ने खोला राज
घटनाओं की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय स्वयं घटनास्थलों पर पहुंचे और निरीक्षण किया। उन्होंने साइबर थाना, नवागढ़ एवं बम्हनीडीह पुलिस को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी तथा चोरी गए माल की बरामदगी के निर्देश दिए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलेंडन यार्क के मार्गदर्शन में गठित टीम ने घटनास्थलों और वहां तक आने-जाने वाले रास्तों के CCTV फुटेज खंगाले। करीब 100 से अधिक CCTV कैमरों के फुटेज की जांच के दौरान बम्हनीडीह क्षेत्र से नवागढ़ की ओर घटना के समय के आसपास जाती एक संदिग्ध मोटरसाइकिल पुलिस के हाथ लगी। मोटरसाइकिल पर चार व्यक्ति सवार थे और उनकी गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं।
साइबर तकनीकी विश्लेषण के साथ ही पुलिस ने मैनुअल इनपुट जुटाए और संदिग्धों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया।
पूछताछ में खुला पूरा राज
एसडीओपी लोकेश बंसल एवं सीएसपी योगिता बाली खापर्डे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने संदिग्धों से पूछताछ की। प्रारंभ में आरोपी पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ किए जाने पर उन्होंने मंदिरों में चोरी करना स्वीकार कर लिया।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चोरी का पूरा माल प्रशांत पटेल के घर के पीछे गड्ढे में छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर छापेमारी कर चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण, छत्र सहित अन्य सामान बरामद कर लिया। इसके अलावा ताला काटने में इस्तेमाल किया गया इलेक्ट्रॉनिक कटर और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी पुलिस ने जब्त की है।
पुलिस के अनुसार आरोपी लाखों रुपये के कर्ज में डूबे हुए थे, जिसके चलते उन्होंने चोरी की वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई थी।
गिरफ्तार आरोपी
1. प्रशांत पटेल, पिता अशोक पटेल, उम्र 23 वर्ष, निवासी घुटिया, थाना पामगढ़।
2. प्रभात पटेल, पिता अशोक पटेल, उम्र 18 वर्ष 2 माह, निवासी घुटिया, थाना पामगढ़।
3. परमानंद पटेल, पिता बंशीलाल पटेल, उम्र 25 वर्ष, निवासी घुटिया, थाना पामगढ़।
मामले में एक विधि विरुद्ध संघर्षरत बालक भी शामिल पाया गया है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, सउनि विवेक सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, राजकुमार चंद्रा, आरक्षक गिरीश कश्यप, प्रदीप दुबे, सहबाज अहमद, रोहित कहरा, माखन साहू, चिरंजीव, कमलेश एवं पदमराज सिंह सहित थाना नवागढ़ प्रभारी निरीक्षक मणिकांत पांडेय, थाना बम्हनीडीह प्रभारी उपनिरीक्षक दिलीप सिंह एवं उनकी टीम का सराहनीय योगदान रहा।
पुलिस की इस कार्रवाई से न केवल तीन मंदिरों में हुई चोरी का त्वरित खुलासा हुआ, बल्कि चोरी गया पूरा माल बरामद कर आरोपियों को कानून के शिकंजे में लाने में सफलता मिली है।
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