
लोतलोता गांव में बढ़ी चिंता, जर्जर राखड़ बांध की सुरक्षा जांच के बिना संचालन नहीं करने की मांग

कटघोरा/कोरबा। ग्राम पंचायत लोतलोता के ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने सीएसईबी के बंद पड़े राखड़ बांध को पुनः चालू करने की तैयारी का विरोध करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि जर्जर हो चुके राखड़ बांध को दोबारा शुरू किए जाने से किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, जिससे आसपास के गांवों, किसानों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।


जनपद पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत लोतलोता के जनप्रतिनिधियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि वर्ष 1985-86 में सीएसईबी द्वारा भूमि अधिग्रहण कर राखड़ बांध का निर्माण कराया गया था। वर्ष 2023 में बांध पूरी तरह भर जाने तथा पर्यावरणीय अनुमति नहीं मिलने के कारण इसका संचालन बंद कर दिया गया था।
ग्रामीणों का कहना है कि बंद होने के बाद बांध का नियमित रखरखाव नहीं हुआ। कई स्थानों पर पाइप लाइन हटाई गई, जल निकासी व्यवस्था बंद कर दी गई तथा संरचना जर्जर हो चुकी है। इसके बावजूद प्रबंधन द्वारा पुनः नई पाइप लाइन बिछाकर बांध को चालू करने की तैयारी की जा रही है।
पहले भी टूट चुके हैं तटबंध
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2021, 2022 और 2023 के दौरान राखड़ बांध के तटबंध कई बार क्षतिग्रस्त हुए थे, जिसके कारण राखड़ मिश्रित पानी किसानों के खेतों तक पहुंच गया था। ग्रामीणों ने बताया कि बांध के समीप ही प्राथमिक विद्यालय स्थित है और वर्ष 2021 में तटबंध टूटने पर विद्यालय परिसर तक राखड़युक्त पानी पहुंच गया था।
ग्रामीणों ने हाल ही में अप्रैल 2026 को ग्राम झाबु में राखड़ बांध फूटने की घटना का भी हवाला देते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं क्षेत्र में भय का माहौल पैदा कर रही हैं। उनका कहना है कि यदि लोतलोता के जर्जर बांध में फिर से राखड़ भरा गया तो किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञों से जांच कराने की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि राखड़ बांध की स्थिति का स्वतंत्र विशेषज्ञों से तकनीकी परीक्षण कराया जाए और जांच रिपोर्ट आने तक इसे दोबारा चालू करने की अनुमति न दी जाए। उन्होंने कहा कि गांव की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण को देखते हुए बिना व्यापक परीक्षण के राखड़ बांध का संचालन शुरू करना उचित नहीं होगा।
ज्ञापन की प्रतिलिपि सांसद, विधायक, पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, तहसीलदार, जिला पंचायत सदस्य एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को भी भेजी गई है।
ग्रामीणों का स्पष्ट संदेश
ग्रामीणों ने कहा है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर राखड़ बांध को पुनः शुरू करने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से जनहित और जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की है।
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