
रायगढ़। जिले में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और लंबित मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर शनिवार को पुलिस कंट्रोल रूम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना-चौकी प्रभारियों और शाखा प्रमुखों की अहम समीक्षा बैठक ली। बैठक में अपराध समीक्षा के साथ “ऑपरेशन आघात”, “ऑपरेशन तलाश”, सोशल पुलिसिंग और विजुअल पुलिसिंग को लेकर विस्तृत रणनीति तय की गई।
बैठक को तीन चरणों में आयोजित किया गया, जिसमें रायगढ़, धरमजयगढ़ और खरसिया अनुभाग के अपराधों एवं पुलिसिंग कार्यों की गहन समीक्षा की गई। एसएसपी ने लंबित गंभीर अपराधों के शीघ्र निराकरण और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर विशेष जोर देते हुए “ऑपरेशन तलाश” के तहत जरूरत पड़ने पर पुलिस टीमों को दूसरे राज्यों में भेजने के निर्देश दिए।
विजुअल पुलिसिंग पर फोकस
एसएसपी ने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया कि प्रमुख चौक-चौराहों, बाजारों, ढाबों और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी लगातार दिखाई देनी चाहिए। पेट्रोलिंग, फ्लैग मार्च और बीट सिस्टम को और मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि आम लोगों में सुरक्षा का विश्वास बना रहे और असामाजिक तत्वों में पुलिस का डर कायम हो।
नशे, साइबर फ्रॉड और सट्टे पर सख्ती
बैठक में “ऑपरेशन आघात” के तहत मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान को तेज करने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि ओडिशा से आने वाला गांजा जिले के किसी भी थाना क्षेत्र से पार नहीं होना चाहिए। ढाबों में अवैध शराब बिक्री रोकने, धर्मकांटा की आड़ में चल रहे संदिग्ध कारोबारों पर नजर रखने और ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ “ऑपरेशन अंकुश” के तहत लगातार कार्रवाई करने को कहा गया।
महिला सुरक्षा और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग पर भी जोर
थाना प्रभारियों को साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, ट्रैफिक जागरूकता और नशा विरोधी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही सोशल मीडिया मॉनिटरिंग को मजबूत करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने पर भी विशेष चर्चा हुई।
बैठक में लंबित मर्ग, गुम इंसान, शिकायतों और निगरानी बदमाशों की समीक्षा करते हुए सक्रिय अपराधियों को श्रेणीबद्ध कर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया कि अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा और पुलिसिंग की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
![]() | ![]() | ![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |









































