
कोरबा, 26 जून 2026। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट सभा कक्ष, कोरबा में महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की जनसुनवाई आयोजित की गई। जनसुनवाई में कोरबा जिले के 12 प्रकरणों सहित कुल 404 प्रकरणों पर विचार किया गया।
सुनवाई के दौरान लगभग 300 नगर सैनिकों के हस्ताक्षरयुक्त एक महत्वपूर्ण शिकायत पर आयोग ने गंभीर रुख अपनाया। शिकायत में नगर सेना कोरबा के तत्कालीन कमांडेंट पर महिला नगर सैनिकों के साथ अनावश्यक सख्ती बरतने तथा सार्वजनिक रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करने के आरोप लगाए गए थे।
मामले में अब तक आंतरिक परिवाद समिति (आईसीसी) द्वारा जांच नहीं किए जाने पर महिला आयोग ने नगर सेना कमांडेंट, कोरबा को निर्देशित किया कि संबंधित सभी नगर सैनिकों एवं संबंधित अधिकारी के बयान दर्ज कराते हुए आईसीसी के माध्यम से जांच कर दो माह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत की जाए।
जनसुनवाई के दौरान आयोग ने वैवाहिक विवाद, भरण-पोषण, संपत्ति विवाद, कार्यस्थल पर प्रताड़ना, पुलिस कार्रवाई और पारिवारिक मामलों से जुड़े अन्य प्रकरणों की भी सुनवाई की। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आवश्यक निर्देश, समझाइश एवं अनुशंसाएं जारी कीं। कुछ मामलों में पक्षकारों को न्यायालयीन प्रक्रिया अपनाने की सलाह दी गई, वहीं कुछ मामलों में महिला थाना, सखी सेंटर तथा संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
एक प्रकरण में पति द्वारा पत्नी और बच्चे के भरण-पोषण की जिम्मेदारी नहीं निभाने पर आयोग ने पति को प्रतिमाह 5 हजार रुपये भरण-पोषण राशि देने के निर्देश दिए। वहीं आवेदिका के नाम पर खरीदे गए मकान से जुड़े एक अन्य विवाद में संबंधित पक्ष को एक माह के भीतर मकान खाली करने की समझाइश दी गई।
महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में त्वरित सुनवाई और प्रभावी कार्रवाई आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को आयोग के निर्देशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय मिल सके।
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