
ई-समन, ‘न्याय श्रुति’ VC गवाही, ई-साक्ष्य और अवैध प्रवासियों के सत्यापन पर IG राम गोपाल गर्ग के कड़े निर्देश


बिलासपुर, 04 अगस्त 2026। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने मंगलवार को रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में डिजिटल पुलिसिंग, न्यायालयीन समन-वारंट की तामिली, ई-समन, ‘न्याय श्रुति’ के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से गवाही, ई-साक्ष्य, CCTNS, नागरिक सत्यापन और लंबित मामलों के त्वरित निराकरण को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह, उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ शशि मोहन सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल, पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी, पुलिस अधीक्षक गौरेला-पेंड्रा-मरवाही मनोज खिलारी, पुलिस अधीक्षक सक्ती प्रफुल्ल ठाकुर, पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा विजय पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक सारंगढ़ सुनील शर्मा तथा उप पुलिस अधीक्षक रेंज पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय बिलासपुर विवेक शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
समन-वारंट की अब होगी रियल टाइम मॉनिटरिंग
आईजी श्री गर्ग ने न्यायालयीन समन एवं वारंट की तामिली में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके लिए Google Sheet के माध्यम से रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था करने कहा गया है। थानों में तैनात कोर्ट आरक्षक समन-वारंट की तामिली, अदम तामिली के कारण तथा गवाहों की उपस्थिति संबंधी जानकारी नियमित रूप से दर्ज करेंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य अनावश्यक पत्राचार कम करने के साथ ही मामलों की स्थिति का सटीक और तत्काल डेटा उपलब्ध कराना है, ताकि न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाई जा सके।
WhatsApp से ई-समन की तामिली पर भी जोर
आईजी ने ई-समन व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के निर्देश दिए। जारी अधिसूचना के अनुसार WhatsApp के माध्यम से ई-समन की तामिली किए जाने तथा प्राप्तकर्ता के ‘OK’ संदेश के स्क्रीनशॉट को मान्य प्रमाण के रूप में सुरक्षित रखने की प्रक्रिया पर भी चर्चा की गई।
नए गठित जिलों में डेटा मैपिंग से जुड़ी तकनीकी समस्याओं तथा दूरस्थ थानों में नेटवर्क और Latitude-Longitude अपलोड संबंधी दिक्कतों को शीघ्र दूर करने के निर्देश भी दिए गए।
‘न्याय श्रुति’ से गवाही को आसान बनाने की तैयारी
न्यायालयीन गवाही की प्रक्रिया को अधिक सुगम और समयबद्ध बनाने के लिए थानों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा से जोड़ने तथा आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
आईजी ने कहा कि जहां संभव हो, न्यायालयीन समन में ही गवाही वीसी के माध्यम से होगी अथवा भौतिक रूप से उपस्थित होकर, इसका स्पष्ट उल्लेख किया जाना चाहिए, ताकि पुलिस एवं न्यायालयीन प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।
ई-साक्ष्य पर शत-प्रतिशत पालन की हिदायत
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 105 के तहत जब्ती, तलाशी एवं गवाहों के बयानों की वीडियो रिकॉर्डिंग सहित डिजिटल साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को प्रभावी रूप से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।
इसके साथ ही प्रत्येक जिले में एक थाने को ‘आइडियल CCTNS थाना’ के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे थाने में विवेचक स्वयं सभी आवश्यक ऑनलाइन प्रविष्टियां करेंगे, जिससे पुलिसिंग में डिजिटल गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाई जा सके।
अवैध प्रवासियों, किरायेदारों और फेरीवालों के सत्यापन पर नजर
आईजी श्री गर्ग ने समाधान ऐप के माध्यम से अवैध प्रवासियों, किरायेदारों एवं फेरीवालों का नियमित सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस संबंध में प्रत्येक सप्ताह रेंज स्तर पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए भी कहा गया।
बाइक चोरी के मामलों में इंजन-चेसिस नंबर अनिवार्य
संपत्ति संबंधी अपराधों की समीक्षा करते हुए बाइक चोरी के मामलों में FIR दर्ज करते समय इंजन नंबर और चेसिस नंबर की अनिवार्य रूप से प्रविष्टि करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य संबंधित डेटाबेस को अपडेट रखते हुए चोरी के वाहनों की पहचान और बरामदगी की कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाना है।
‘100 प्रतिशत गुणवत्ता और समयबद्धता’ पर आईजी की दो टूक
आईजी राम गोपाल गर्ग ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिसिंग में पारदर्शिता, तकनीक का अधिकतम उपयोग और लंबित मामलों का त्वरित निराकरण सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक डिजिटल मॉड्यूल में शत-प्रतिशत गुणवत्ता, शुद्धता और समयबद्धता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी माध्यमों के प्रभावी उपयोग से पुलिसिंग की गुणवत्ता में सुधार होगा और थानों में लंबित मामलों की संख्या कम करने में मदद मिलेगी।
आईजी श्री गर्ग ने सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों को निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी।
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