
कुणाल दुदावत ने कक्षा में पहुंचकर विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद, चाल-समय-दूरी से लेकर सदिश-अदिश राशियों तक समझाए भौतिकी के कठिन विषय

कोरबा, 06 अगस्त 2026।पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के दूरस्थ क्षेत्र स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लमना में बुधवार को उस समय पढ़ाई का माहौल खास बन गया, जब जिले के कलेक्टर कुणाल दुदावत प्रशासनिक अधिकारी की भूमिका से निकलकर सीधे शिक्षक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर भौतिक विज्ञान का पाठ पढ़ाया और कठिन विषयों को रोजमर्रा के सरल उदाहरणों से समझाया।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को भौतिक मात्रक, सदिश एवं अदिश राशियां, चाल, समय, दूरी और विस्थापन जैसे विषयों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों के सवाल सुने और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। कलेक्टर की सहज और संवादात्मक शिक्षण शैली से विद्यार्थी खासे उत्साहित नजर आए।
बच्चों से पूछा—क्या चाहिए स्कूल में?
विद्यालय निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केवल कक्षाओं और पढ़ाई का जायजा ही नहीं लिया, बल्कि विद्यार्थियों से सीधे पूछा कि स्कूल में उन्हें किन सुविधाओं की जरूरत है और किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
विद्यार्थियों ने प्रयोगशाला, प्रायोगिक सामग्री, पुस्तकालय, खेल मैदान और खेल सामग्री की आवश्यकता बताई। इसके साथ ही बालक-बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय, वर्तमान भवन में सीपेज तथा प्रकाश व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं की जानकारी भी दी।
विद्यार्थियों की बात गंभीरता से सुनते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि विद्यालय के नए भवन का निर्माण प्रगति पर है और इसके पूर्ण होने के बाद विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। वर्तमान भवन में सीपेज की समस्या का शीघ्र निराकरण करने, प्रयोगशाला एवं पुस्तकालय के लिए प्रस्ताव तैयार करने तथा खेल सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर का संदेश—मेहनत का कोई विकल्प नहीं
कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कलेक्टर ने उनकी पढ़ाई, पसंदीदा विषय, परीक्षा की तैयारी, पिछले वर्ष के परीक्षा परिणाम और स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि सपनों को केवल सपना न रहने दें, उन्हें अपना लक्ष्य बनाएं और उसे हासिल करने के लिए पूरी ईमानदारी से मेहनत करें। नियमित अध्ययन, अनुशासन और समय का सदुपयोग सफलता की पहली सीढ़ी है।
उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव तैयार करता है। इसलिए परीक्षा की तैयारी पूरे आत्मविश्वास और लगन के साथ करें।
NEET-JEE की निःशुल्क कोचिंग से लेकर ISRO भ्रमण तक की जानकारी
कलेक्टर ने ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा संचालित स्वामी विवेकानंद जिला खनिज न्यास शिक्षा प्रोत्साहन योजना तथा NEET और JEE की निःशुल्क कोचिंग की जानकारी दी।
उन्होंने विद्यार्थियों को इन अवसरों का लाभ उठाकर उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रतिभावान विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए यह भी बताया कि जिन विद्यालयों का बोर्ड परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहेगा, वहां के विद्यार्थियों को जिला प्रशासन द्वारा ISRO जैसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिक संस्थानों के शैक्षणिक भ्रमण का अवसर दिया जाएगा।यह सुनते ही विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल बन गया।
शिक्षकों से भी लिया फीडबैक, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकों से शिक्षकों की उपलब्धता, शैक्षणिक गतिविधियों, परीक्षा परिणाम और विद्यालय संचालन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्र के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो उन्हें सही मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने की।
कलेक्टर का यह निरीक्षण विद्यार्थियों के लिए महज एक प्रशासनिक दौरा नहीं रहा, बल्कि एक अधिकारी के शिक्षक बनने और बच्चों को उनके सपनों की ओर बढ़ने का हौसला देने वाला प्रेरणादायी संवाद बन गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, एसडीएम पोड़ी उपरोड़ा मनोज बंजारे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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