
कोरबा। आगामी गणेशोत्सव को लेकर हिंदू नारायणी सेना ने भगवान गणेश की प्रतिमाओं के स्वरूप और पर्यावरण संरक्षण का मुद्दा उठाया है। हिंदू नारायणी सेना के प्रमुख अरविंद अग्रवाल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने कोरबा कलेक्टर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और गणेश प्रतिमाओं के निर्माण में धार्मिक शास्त्रों के अनुरूप स्वरूप बनाए रखने की मांग की।
संगठन का आरोप है कि आधुनिकता और आकर्षण के नाम पर कुछ मूर्तिकार भगवान गणेश के पारंपरिक एवं शास्त्रसम्मत स्वरूप में बदलाव कर रहे हैं। कार्टून कैरेक्टर, बाल स्वरूप, एआई आधारित स्वरूप तथा नाचते-गाते या डांस करते हुए स्वरूप की प्रतिमाएं बनाए जाने पर हिंदू नारायणी सेना ने आपत्ति जताई है।
हिंदू नारायणी सेना ने ज्ञापन में कहा कि भगवान गणेश हिंदू समाज के आराध्य हैं और उनके स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार की ऐसी छेड़छाड़ स्वीकार नहीं की जानी चाहिए, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों। संगठन ने यह भी कहा कि प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) से निर्मित प्रतिमाएं पर्यावरण के लिए भी नुकसानदायक हैं, इसलिए पर्यावरण हित को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त सामग्री से प्रतिमाओं के निर्माण को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
संगठन ने कलेक्टर से मांग की कि भगवान गणेश के शास्त्रसम्मत, वास्तविक एवं विराट स्वरूप से कथित रूप से छेड़छाड़ करने वाले मूर्तिकारों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही गणेश प्रतिमा निर्माण में पर्यावरणीय नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।
बताया गया कि कलेक्टर ने हिंदू नारायणी सेना के प्रतिनिधिमंडल को आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पूजा समितियों से भी की अपील
हिंदू नारायणी सेना ने कोरबा शहर की सभी गणेश पूजा समितियों से अपील की है कि केवल नोवेल्टी, आधुनिकता या कुछ अलग दिखाने के लिए भगवान गणेश के स्वरूप में बदलाव न करवाएं। संगठन ने पूजा समितियों से आग्रह किया कि धार्मिक ग्रंथों एवं शास्त्रों में वर्णित भगवान गणेश के पारंपरिक स्वरूप के अनुरूप ही प्रतिमा का निर्माण कराया जाए।
हिंदू नारायणी सेना ने धर्मप्रेमी नागरिकों से भी संगठन से जुड़कर हिंदू धर्म एवं धार्मिक परंपराओं के संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है।
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