शाम को HR प्रमुख शशि शेखर ने पार्षद अजय चंद्रा को फोन कर दिया आश्वासन, सुबह होते ही मौके पर शुरू हुआ काम

कोरबा। केंद्रीय विद्यालय क्र -02 के सामने लंबे समय से खुली पड़ी नाली को लेकर न्यूज़ अग्रदूत की खबर का असर आखिरकार दिखाई दिया। लगातार शिकायतों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर खबर प्रकाशित होने के बाद NTPC प्रबंधन हरकत में आया और समस्या के निराकरण की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी।
पार्षद अजय चंद्रा ने बताया की खबर प्रकाशित होने के बाद शाम को NTPC के मानव संसाधन प्रमुख शशि शेखर ने उनसे फोन पर चर्चा की और समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद सुबह होते ही NTPC प्रबंधन का अमला सक्रिय हुआ और केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-02 के सामने खुली नाली की समस्या के निराकरण के लिए काम शुरू कर दिया गया।
यह वही समस्या है, जिसे लेकर पार्षद अजय चंद्रा द्वारा लंबे समय से NTPC के नगर प्रशासन विभाग को शिकायतें की जा रही थीं। मूल शिकायत में विद्यालय के सामने नाली को स्लैब से ढकने और आवश्यक शेड निर्माण की मांग की गई थी।
खबर नहीं छपती तो क्या और इंतजार होता?
अब कार्रवाई शुरू होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब समस्या का समाधान खबर प्रकाशित होने के बाद संभव है, तो शिकायतों के बाद पहले क्यों नहीं हुआ?
विद्यालय के सामने खुली नाली कोई सामान्य समस्या नहीं थी। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक और सामने विभागीय चिकित्सालय होने के कारण आम नागरिक गुजरते हैं। ऐसे स्थान पर दुर्घटना की आशंका को लेकर लगातार चिंता जताई जा रही थी।
पार्षद की ओर से पूर्व में शिकायत और अधिकारियों को सूचना दिए जाने के बावजूद समस्या के लंबे समय तक बने रहने पर सवाल उठते रहे। यहां तक कि तत्काल कार्रवाई नहीं होने पर 8 अक्टूबर को नगर प्रशासन कार्यालय के घेराव की चेतावनी भी दी गई थी।
अब कार्रवाई हुई है तो स्थायी समाधान भी जरूरी
खबर के बाद NTPC प्रबंधन के सक्रिय होने से लोगों को राहत की उम्मीद जगी है। लेकिन अब नजर इस बात पर रहेगी कि खुली नाली को पूरी तरह सुरक्षित ढंग से ढककर समस्या का स्थायी समाधान किया जाता है या फिर कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित रहती है।
सवाल अब भी कायम है—अगर समय पर शिकायतों पर संवाद और कार्रवाई होती, तो खबर प्रकाशित होने और दबाव बनने की नौबत ही क्यों आती?
न्यूज़ अग्रदूत की खबर का असर साफ है—जिस समस्या पर लंबे समय से शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई, खबर सामने आते ही NTPC प्रबंधन को मौके पर उतरना पड़ा।





