कोरबा, 20 अक्टूबर। जिले के कोरबा वनमंडल अंतर्गत करतला परिक्षेत्र के ग्राम सजापानी में मादा हाथी ने शावक को जन्म दिया है। वन विभाग को इसकी जानकारी सुबह करीब 6 बजे गश्त और हाथी ड्यूटी के दौरान मिली। सूचना मिलते ही विभागीय अमला सक्रिय हो गया और हाथियों के झुंड के साथ नवजात शावक की सुरक्षा के लिए निगरानी शुरू कर दी गई है।
ड्रोन कैमरे से हाथियों के झुंड पर नजर
नवजात शावक और उसकी मां की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ड्रोन कैमरे की मदद से निगरानी कर रहा है। विभागीय टीम मौके पर मौजूद है और हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। अधिकारियों का प्रयास है कि मां और नवजात शावक को शांत वातावरण मिले और किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो।
आसपास के गांवों में मुनादी, ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह
हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए आसपास के गांवों और प्रभावित क्षेत्रों में मुनादी कराई जा रही है। ग्रामीणों से जंगल की ओर जाने से बचने और हाथियों के दिखाई देने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। विशेष रूप से जलाऊ लकड़ी, पत्ते और लघु वनोपज जुटाने के लिए जंगल जाने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मां और नवजात शावक के पास जाने से बचें
वन विभाग ने लोगों से हाथियों के प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप नहीं करने की अपील की है। शावक के जन्म के बाद मादा हाथी और झुंड संवेदनशील स्थिति में हो सकते हैं। ऐसे में भीड़ लगाने, तेज आवाज करने, हाथियों को भगाने या उनके करीब जाने से खतरा बढ़ सकता है। ग्रामीणों को हाथियों की गतिविधि दिखने पर सुरक्षित स्थान पर रहने और वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है।
मानव-हाथी संघर्ष रोकने के लिए समन्वय पर जोर
कोरबा के वन क्षेत्रों में हाथियों की आवाजाही के दौरान ग्रामीणों और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। विभाग ने लोगों से हाथियों की संभावित आवाजाही वाले रास्तों और जंगल से लगे क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचने को कहा है। साथ ही, अपुष्ट तस्वीरें और सूचनाएं सोशल मीडिया पर साझा करने के बजाय हाथियों की गतिविधियों की जानकारी सीधे वन विभाग को देने की अपील की गई है।





