मनी लॉन्ड्रिंग और सीबीआई का डर दिखाकर बुजुर्ग को 24 घंटे से अधिक समय तक रखा डिजिटल अरेस्ट के दबाव में, पंजाब से पहले ही पकड़ा जा चुका है एक आरोपी
जांजगीर-चांपा। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 32 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में जांजगीर-चांपा पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्यप्रदेश के इंदौर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और सीबीआई की कार्रवाई का डर दिखाकर बुजुर्ग व्यक्ति से 32 लाख रुपये की ठगी की थी। इस मामले में पुलिस पूर्व में पंजाब से एक आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक इस प्रकरण में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, जांजगीर निवासी तुषारकर देवांगन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि साइबर ठगों ने पहले टेलीकॉम अथॉरिटी का अधिकारी बनकर फोन किया और बताया कि उनका मोबाइल नंबर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में इस्तेमाल हुआ है। साथ ही मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने की बात कही गई। इसके बाद आरोपियों ने सीबीआई अधिकारी बनकर फोन किया और उन्हें डिजिटल अरेस्ट किए जाने का भय दिखाया।
बुजुर्ग होने के कारण प्रार्थी आरोपियों की बातों से घबरा गए। ठगों ने गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई से बचाने तथा पुलिस से सेटिंग कराने के नाम पर उनसे 32 लाख रुपये ऐंठ लिए। आरोपियों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से पुलिस, सीबीआई और टेलीकॉम अथॉरिटी के अधिकारी बनकर संपर्क किया। कुछ दिनों बाद सभी मोबाइल नंबर बंद हो जाने पर प्रार्थी को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
मामले में अपराध क्रमांक 649/2025 के तहत धारा 318(4), 3(5) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।
बैंक खातों की जांच से इंदौर तक पहुंची पुलिस
विवेचना के दौरान पुलिस ने ठगी की रकम जिन बैंक खातों में ट्रांसफर हुई थी, उनकी जानकारी जुटाई। जांच में स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक के खातों में रकम जमा होने की जानकारी मिली। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम गठित कर इंदौर रवाना की गई।
पुलिस टीम ने इंदौर से दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपियों ने अपराध में संलिप्तता स्वीकार करते हुए अपने खातों में ठगी की रकम प्राप्त होना बताया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नंबर, आधार कार्ड एवं पैन कार्ड विधिवत जब्त किए गए।
गिरफ्तार आरोपी
1. सौम्य जैसवार पिता राजेश, उम्र 21 वर्ष, निवासी प्रजापत नगर, इंदौर।
2. देवराज अमकरे पिता रघुवीर, उम्र 24 वर्ष, निवासी गुरु शंकर नगर, इंदौर।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डरें नहीं, पुलिस ने की अपील
जांजगीर-चांपा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि कानून में डिजिटल अरेस्ट नाम की कोई व्यवस्था नहीं है। पुलिस या सीबीआई किसी व्यक्ति को वीडियो कॉल अथवा फोन के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट नहीं करती।
यदि कोई व्यक्ति मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स सप्लाई अथवा अन्य आपराधिक मामले में फंसाने का डर दिखाकर खुद को पुलिस, सीबीआई, टेलीकॉम अथॉरिटी, एयरपोर्ट या नेवी का अधिकारी बताता है और गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर पैसे मांगता है, तो उसकी बातों में बिल्कुल न आएं। ऐसे कॉल साइबर ठगी का हिस्सा हो सकते हैं।
पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने, किसी अनजान व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर नहीं करने और ऐसी घटना होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक भास्कर शर्मा, PSI रुकसाना बानो, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, हेड कांस्टेबल विवेक सिंह एवं गिरीश कश्यप का महत्वपूर्ण योगदान रहा।





