रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के अवसर पर प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 36 विभूतियों एवं संस्थाओं को राज्य अलंकरण प्रदान कर उनके योगदान का सम्मान किया। इस समारोह में पत्रकारिता, कला, साहित्य, संस्कृति, समाजसेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।

पत्रकारिता के क्षेत्र में भी मिला सम्मान
राज्य अलंकरण में पत्रकारिता के क्षेत्र की प्रतिभाओं को भी विशेष पहचान मिली। हिन्दी प्रिंट मीडिया के लिए चंदूलाल चंद्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार प्रमोद कुमार साहू को दिया गया। हिन्दी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बरुण सखाजी और रसिका पांडेय को संयुक्त रूप से सम्मानित किया गया। वहीं अंग्रेजी प्रिंट मीडिया के लिए मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार शिशिर रॉय चौधरी को प्रदान किया गया।
कोरबा की संजू देवी को मिला गुंडाधूर सम्मान
इस समारोह में कोरबा जिले के लिए भी गौरव का क्षण रहा। खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए संजू देवी को प्रतिष्ठित गुंडाधूर सम्मान प्रदान किया गया। इससे कोरबा जिले की प्रतिभाओं को राज्य स्तर पर पहचान मिली है।
विभिन्न क्षेत्रों के सम्मानित व्यक्तित्व
प्रमुख पुरस्कार प्राप्त करने वालों में शामिल हैं
👉शहीद वीरनारायण सिंह सम्मान: डुमन लाल ध्रुव
👉 गुरु घासीदास सम्मान: सुखचंद भास्कर
👉मिनीमाता सम्मान: लोक आस्था सेवा संस्थान, गरियाबंद
👉 हबीब तनवीर सम्मान: डॉ. पुरुषोत्तम चंद्राकर
👉चक्रधर सम्मान: डॉ. एम. श्रीराम मूर्ति
👉पं. सुंदरलाल शर्मा सम्मान: डॉ. बिहारीलाल साहू
👉 लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार: दुर्गा प्रसाद पारकार
👉डॉ. तीज़न बाई सम्मान: चेतन लाल देवांगन
👉 किशोर साहू सम्मान: सैयद ताहिर अली (करन खान)
👉कृषक रत्न पुरस्कार: पुन्नीदास भट्ट
👉धन्वंतरि सम्मान: डॉ. दिनेश कुमार नाग
👉पं. लखनलाल मिश्र सम्मान: डीएसपी सुरेश कुमार ध्रुव
इसके अलावा शिक्षा, चिकित्सा, मत्स्य पालन, सहकारिता, श्रम कल्याण, संस्कृत भाषा, ग्रामीण पर्यटन, आदिवासी उत्थान और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में योगदान देने वाली विभूतियों एवं संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया।
प्रदेश की प्रतिभाओं के योगदान को मिली पहचान
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित यह अलंकरण समारोह प्रदेश की प्रतिभाओं और संस्थाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर बना। राज्य अलंकरण के माध्यम से उन लोगों के योगदान को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज, संस्कृति, साहित्य, खेल और जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।





