
रायपुर,मेघा तिवारी। राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच रायपुर चैप्टर द्वारा “माओवाद मुक्त छत्तीसगढ़ एवं वैचारिक घुसपैठ” विषय पर एक बौद्धिक परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े शिक्षाविदों, पत्रकारों, पायलटों, व्यवसायियों, वकीलों, समाजसेवियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के मुख्य संरक्षक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के वरिष्ठ सदस्य इंद्रेश कुमार ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद से भारत अलगाववाद, आतंकवाद और उग्रवाद जैसी चुनौतियों का सामना करता रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों से शुरू हुआ अलगाववाद का दौर कश्मीर, पंजाब और मध्य भारत तक पहुंचा, जबकि आदिवासी क्षेत्रों में माओवादी गतिविधियों ने अपनी जड़ें मजबूत कीं।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों तथा स्थानीय समुदायों के सहयोग से छत्तीसगढ़ में माओवादी प्रभाव काफी हद तक कमजोर हुआ है, लेकिन यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि भविष्य में माओवादी विचारधारा दोबारा पैर न पसार सके। इसके लिए स्थानीय लोगों को सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाना होगा।
इंद्रेश कुमार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने तथा भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों से समाज को जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आदिवासी संस्कृति और विरासत को सम्मान और पहचान देकर उनमें गौरव की भावना विकसित की जा सकती है। इस दिशा में सामाजिक संगठनों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से उन्होंने समाजहित के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच रायपुर चैप्टर के अध्यक्ष तौकीर रजा के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि 1970 के दशक में माओवादी विचारधारा का प्रसार शुरू हुआ था और धीरे-धीरे इसका प्रभाव देश के विभिन्न हिस्सों में बढ़ा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में माओवादी प्रभाव कम होने के बाद अब सभी को मिलकर सकारात्मक और सशक्त समाज निर्माण की दिशा में कार्य करना चाहिए।
इस अवसर पर राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वर्णिका शर्मा एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनू नाहर विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रायपुर चैप्टर के महामंत्री डॉ. भूपेंद्र कुमार साहू ने किया। आयोजन को सफल बनाने में महामंत्री रितेंद्र नायक एवं सचिव रेखा शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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