
रायपुर,मेघा तिवारी। साइबर सुरक्षा और डिजिटल जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मारुति फाउंडेशन प्रस्तुत हेरिटेज इंडिया द्वारा फ्यूजन आर्ट 2026 चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में सामान्य बच्चों के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

ड्रॉइंग, पेंटिंग, स्केचिंग एवं पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने साइबर क्राइम, फादर्स डे और अंतरराष्ट्रीय योग दिवस जैसे विषयों पर आकर्षक कलाकृतियां प्रस्तुत कीं। प्रतियोगिता को लिटिल जूनियर, जूनियर एवं सीनियर वर्गों में आयोजित किया गया।

प्रतियोगिता के परिणामों में लिटिल जूनियर वर्ग में विद्या यादव, जूनियर वर्ग में आरव प्रवीण चापकर तथा सीनियर वर्ग में सौम्या चौधरी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में डॉ. तृप्ति लूनिया, सुधा गोहिल, प्रकाश शर्मा, प्रिया सिंह एवं डॉ. प्रवीण कुमार शर्मा शामिल रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता, विषय की समझ और कलात्मक अभिव्यक्ति के आधार पर मूल्यांकन किया।

संस्था की अध्यक्ष मेघा तिवारी ने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों और आमजन में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि संस्था केंद्र सरकार एवं साइबर विशेषज्ञ डॉ. दीपक कुमार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में साइबर जागरूकता अभियान संचालित कर रही है। इसके माध्यम से लोगों को साइबर अपराधों से बचाव, डिजिटल सुरक्षा और सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा हर नागरिक के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। कला और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों और युवाओं तक जागरूकता का संदेश पहुंचाना एक प्रभावी पहल है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में सहायक सिद्ध होगी।
कार्यक्रम में प्रदर्शित चित्रों और पोस्टरों में साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिसकी उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों ने सराहना की।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में अर्पण दिव्यांग पब्लिक स्कूल, सीमा छाबड़ा एवं तनुश्री दास का विशेष सहयोग रहा। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, अभिभावकों, निर्णायकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी समाजोपयोगी विषयों पर इस प्रकार के आयोजन जारी रखने का संकल्प दोहराया।
कला के माध्यम से साइबर जागरूकता का संदेश देने वाली यह प्रतियोगिता बच्चों की प्रतिभा और सामाजिक जिम्मेदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी।
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