
महिलाओं की भागीदारी से समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता को मिलेगा नया बल
कोरबा,19 मई 2026।जिला स्वास्थ्य विभाग कोरबा द्वारा यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं MCCR ट्रस्ट के सहयोग से जिला पंचायत सभागार, कोरबा में स्व-सहायता समूह (SHG) की महिलाओं के लिए विशेष उन्मुखीकरण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समुदाय स्तर पर सिकल सेल रोग, बाल मधुमेह, जन्मजात हृदय रोग तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना एवं महिलाओं की सामुदायिक भूमिका को सशक्त बनाना रहा।
कार्यक्रम में जिले भर से लगभग 65 स्व-सहायता समूह सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान विशेषज्ञों ने बच्चों में गैर-संचारी रोगों की प्रारंभिक पहचान, समय पर जांच एवं उपचार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पूर्ण टीकाकरण, पोषण, एनीमिया नियंत्रण, गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच तथा संस्थागत प्रसव की आवश्यकता पर भी विशेष चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने बाल मधुमेह के प्रमुख लक्षणों—अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना एवं अचानक वजन कम होना—के प्रति महिलाओं को जागरूक किया। इसके अलावा सिकल सेल रोग की नियमित जांच, परामर्श एवं जन्मजात हृदय रोग से प्रभावित बच्चों की समय पर पहचान और उपचार की आवश्यकता पर भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्व-सहायता समूह की महिलाएं गांव-गांव तक स्वास्थ्य संबंधी संदेश पहुंचाने, गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों को समय पर स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने तथा सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। SHG नेटवर्क के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कोरबा श्री दिनेश नाग, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सूर्या नारायण केसरी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री पद्माकर शिंदे, जिला नोडल सिकल सेल डॉ. बी.आर. रात्रे एवं जिला सलाहकार सिकल सेल श्री अरविंद भारती उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन यूनिसेफ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में उनकी टीम तथा डॉ. डी. श्याम कुमार एवं MCCR ट्रस्ट के सहयोग से संपन्न हुआ।
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