शिक्षक आपस में भिड़े, प्रिंसिपल कार्यालय में गाली-गलौज और धक्का-मुक्की की चर्चा; विवाद की असली वजह पर सस्पेंस बरकरार
कोरबा। डीपीएस एनटीपीसी में शिक्षा व्यवस्था को लेकर उस समय गंभीर सवाल खड़े हो गए, जब शिक्षकों के आपस में भिड़ने और प्रिंसिपल कार्यालय में कथित तौर पर गाली-गलौज व धक्का-मुक्की होने की खबर सामने आई। घटना को लेकर स्कूल परिसर से लेकर एनटीपीसी प्रबंधन तक चर्चाओं का बाजार गर्म है।
मामला आखिर सेवानिवृत शिक्षकों का कार्यकाल बढ़ाने से जुड़ा था या सोशल मीडिया रील बनाने को लेकर विवाद हुआ, यह जांच के बाद ही साफ हो पाएगा। फिलहाल शिक्षकों के बीच विवाद किस बात से शुरू हुआ और मामला प्रिंसिपल कार्यालय तक कैसे पहुंचा, इसे लेकर अलग-अलग चर्चाएं चल रही हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक विवाद के दौरान प्रिंसिपल कार्यालय में माहौल काफी गरम हो गया और शिक्षकों के बीच कथित रूप से गाली-गलौज तथा धक्का-मुक्की की स्थिति निर्मित हुई। घटना ने स्कूल के अनुशासन और शिक्षकों के आचरण को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इनमें से एक शिक्षक प्रिंसिपल का खास हैं और इन्होंने ही अन्य शिक्षकों से दुर्व्यवहार करते हुए धक्का मुक्की शुरू किया और देखते ही देखते आपस में भीड़ गए।इनसे जानकारी लेने पर शुरू में तो ऐसी कोई घटना होने से इनकार किया गया फिर बोला गया कि जहां दो चार लोग रहते है वहां थोड़ा बहुत कहासुनी होता है और अधिक जानकारी चाहिए तो प्रिंसिपल से बात करिए वो हमारे बॉस हैं।
प्रिंसिपल ने साधी चुप्पी, प्रबंधन ने जांच का दिया भरोसा
मामले को लेकर डीपीएस एनटीपीसी के प्रिंसिपल सतीश शर्मा से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन वे घटना के संबंध में स्पष्ट जानकारी देने से बचते नजर आए।
वहीं एनटीपीसी परियोजना प्रमुख किशोर चंद्र पात्र ने कहा कि मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आएगी और जांच के उपरांत ही विवाद के कारणों के बारे में स्पष्ट रूप से बताया जा सकेगा।
जांच टीम करेगी पूरे मामले की पड़ताल
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच टीम गठित किए जाने की बात सामने आई है। जांच टीम में एनटीपीसी प्रबंधन और डीपीएस के सदस्य शामिल रहेंगे। टीम विवाद की वजह, घटनाक्रम और संबंधित पक्षों के बयानों की पड़ताल करेगी।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर शिक्षा का वातावरण देने वाले संस्थान में शिक्षक ही आपस में क्यों भिड़ गए? क्या मामला प्रशासनिक निर्णय से जुड़ा था, कार्यकाल बढ़ाने का विवाद था या फिर सोशल मीडिया रील को लेकर बात इतनी बिगड़ी कि मामला कथित धक्का-मुक्की तक पहुंच गया?
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही इस पूरे प्रकरण की असल तस्वीर साफ हो सकेगी। फिलहाल डीपीएस एनटीपीसी का यह कथित विवाद शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।





