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वनरक्षक के खिलाफ डेढ़ करोड़ की धोखा बड़ी मामले में एडीएम को संपत्ति जांच और एसपी को फिर के निर्देश दिया गया।

7 साल से आवेदिका का करता था शोषण आयोग ने लगाया फटकार तुरंत शादी के लिए हुआ तैयार

जगदलपुर।जिला-बस्तर 01/07/2026 को छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ0 किरणमयी नायक एवं प्रभारी सदस्य सुश्री दीपिका शोरी, सह प्रभारी ओजस्वी मण्डावी ने जिला सुकमा के सभा कक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रस्तुत प्रकरणों पर जन सुनवाई की छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ0 किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर 406 एवं जिला में 10 सुनवाई हुई। प्रकरण संख्या 14 थे।
आज के सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि अनावेदकगण ने आवेदिका को झाड़ फूंक, तंत्र-मंत्र, पूजा-पाठ के नाम पर लगातार धोखा दिया और उससे लगभग 7 साल में डेढ़ करोड़ रूपये की धोखाधड़ी किया, जिससे अनावेदकगणों ने जमीन खरीदी और मकान बनाया साथ ही एक और जमीन के दस्तावेज को रख लिया है। जबकि अनावेदक क्रमंाक 1 कांगेर घाटी में वन रक्षक के पद पर कार्य कर रहा है जिसकी मासिक वेतन 43000/- रूपये बताया है ऐसी दशा में शासन से अनुमति बगैर इतनी सम्पत्ति कैसे खरीदा और उसका पैसा कहंा से आया है तथा आड़ावाल के कुसुम पाल पर लगभग 40 से 50 लाख का मकान कैसे बनाया, जांच का विषय है। आवेदिका अनुसार अनावेदकगणों ने पहले आइटेन गाड़ी खरीदी वर्तमान में मारूती ठस्ग् नीला कलर की गाड़ी खरिदे हैं आवेदिका के डरा धमका कर दोनों अनावेदकगणों ने अपनी सम्पत्ति जायदाद बनाई है अनावेदक क्र0 01 शासकीय सेवा में कार्यरत है अतः इतनी बड़ी मात्रा में आवेदिका से पैसा एंेठ कर बनाई गई सम्पत्ति की जांच व मुल्यांकन किया जाना आवश्यक है अतः इस मामले में ए0डी0एम0 सी0पी0 बघेल को इन अनावेदकगणों की समस्त सम्पत्ति की जांच व मूल्यांकन करने तथा अनावेदक क्र0 01 फारेस्ट विभाग से सम्पत्ति खरीदने की कागजात अपनी रिपोर्ट एक माह में आयोग भेजे जाने की अनुशंसा किया गया। इस मामले में आवेदिका का अनावेदक के विरूद्ध डेढ़ करोड़ के धोखाधड़ी का मामला आया है। अतः इस मामले में एसपी जगदलपुर को अनुशंसा भेजी गई है। कि वह इन अनावेदकगणों के खिलाफ डेढ़ करोड़ की धोखधडी की जांच कर एफआईआर दर्ज करांए तथा एडीएम के जांच के बिंदुओं को भी एफआईआर में उल्लेखित करें। दोनों तरह की जांच के आधार पर अनावेदकगणों के खिलाफ एफआईआर लिखे और एक माह के अंदर आयोग को अनुशंसा भेजे। दोनों अधिकारीयों से अवश्यकता अनुसार चर्चा करने व आयोग में रिपोर्ट जमा करने आयोग के सदस्य ओजस्वी मण्डावी व सुश्री दिपीका शोरी को अधिकृत किया गया वन रक्षके के खिलाफ डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी मामले में अपर कलेक्टर जगदलपुर को संपत्ति जांच और पुलिस अधीक्षक जगदलपुर के थाने को निर्देश दिया गया।
अन्य प्रकरण में आवेदिका की शिकायत के समय अनावेदक बीजापुर में पदस्थ थे किन्तु वर्तमान में आवेदिका भैरमगढ़ में व अनावेदक जिला शक्ति में पदस्थ है आवेदिका की शिकायत में कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न का कोई भी बिन्दु नहीं होने से और शासकीय सेवा में दी गई नोटिस के लिए आयोग में शिकायत नहीं सुनी जा सकती है इसके लिए आवेदिका को विभागीय उच्च अधिकारीयों के पास शिकायत करनी होगी। जिस स्तर पर आवेदिका को कहा कि 2024-25 का सी.आर. खराब कर दिया गया है। इस पर वह कार्यवाही चाहती है। अनावेदक ने कहा कि उसके द्वारा लिखी गई सी.आर. पर दो उच्च अधिकारीयों द्वारा कार्यवाही की गई है। इसकी जानकारी
आवेदिका को है। इसका अभ्यावेदन तुरंत दे सकती थी। अनावेदक अकेले जिम्मेदार नहीं है। आयोग के द्वारा आवेदिका को समझाईश दिया गया कि वह विभागीय उच्च न्यायालय से इस मामले में कार्यवाही करा सकती है। इसके साथ प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
अन्य प्रकरण में आवेदिका के पिता स्व0 दिनेश मिश्रा स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत कर्मचारी थे आवेदिका के मां जनपद पंचायत जगदलपुर में कार्यरत थी स्व0 दिनेश मिश्रा की मृत्यु के बाद आवेदिका को अनुकंपा नियुक्ति दिलाए जाने पर विभाग में आवेदन दिए थे जिस पर नियमानुसार आवेदिका को अनुकम्पा नहीं मिल सकती थी क्योंकि मां जनपद में कार्यरत थी जिसकी वेतन 40 हजार थी लेकिन आवेदिका ने स्वास्थ्य विभाग में शिकायत के स्थान पर जिला पंचायत सीईओ के खिलाफ आवेदन किया जिनका स्वास्थ्य विभाग में कोई हस्तक्षेप नहीं था और जनपद में आवेदिका की मां कार्यकाल समाप्त होने के बाद स्वत्व का निराकरण किया जा चुका है। अनावेदक ने यह बताया कि अनुकंपा नियुक्ति का मामला न्यायालय में स्थगित हो चुका है। फिर भी आवेदिका की मां पोर्टल में शिकायत करती आयी है जिसका निराकरण हो चुका है। और कुछ मामलों में न्यायालय से स्थगन है। ऐसी दशा में आवेदिका व उसकी मां अनावेदक के कार्यालय जाकर बार-बार परेशानी में डालकर दबाव डालकर अपने दिए हुए आवेदन पर कार्यवाही कराने का प्रयास कर रहे हैं। अनावेदक ने बताया कि जनपद के कर्मीयों ने एफआईआर दर्ज कराया है। आवेदिका के मां को समझाया गया कि वह अनावेदक के कार्यालय में भविष्य में न जाए व उन्हें समझाया गया कि आगे कार्यवाही कराना है तो वह हाईकोर्ट जा सकती है। इसके साथ ही जिला पंचायत के खिलाफ प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
अन्य प्रकरण में आवेदिका के जमीन का बाउंड्रीवाल को अनावेदकगण ने तोड़ा है अनावेदकगण का कथन है कि सरकारी स्कूल की जमीन पर आवेदिका कब्जा कर रही थी नोटिस देकर विधिवत तोड़ा गया है। आवेदिका का कहना है कि उसे कोई नोटिस नहीं मिला उभय पक्ष को विस्तार से सुना गया व समझाया गया कि तहसील आॅफिस में आवेदन देकर सीमांकन किया जाए इसके साथ ही प्रकरण नस्तीबद्ध किया गया।
अन्य प्रकरण में आवेदिका ने फरवरी 2025 में अनावेदकगणों के खिलाफ मानसिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज करवाई है। आवेदिका ने जेडी आफिस में शिकायत किया था। अनावेदकगणों ने बाताया कि आवेदिका के खिलाफ विभागीय शिकायत थी जिसकी जांच में 15 दिन पहले आवेदिका को निलंबित किया गया है। जिसे आवेदिका ने स्वीकार किया चूंकि यह मामला विभागीय उच्च अधिकरियों के द्वारा निराकृत किये जाने योग्य है। अतः आवेदिका पुनः उच्च अधिकारियों को अपनी शिकायत दे सकती है। आयोग में सुने जाने के योग्य नहीं होने से नस्तीबद्ध किया गया।
अन्य प्रकरण में आवेदिका की मृत्यु हो चुकी है आवेदिका की तरफ से एक आवेदन दिया गया कि 25.04.2026 को आवेदिका की मृत्यु हो गई है और आवेदिका के बेटे ने आयोग के प्रकरण को उच्च न्यायालय में चुनौती दिया था, जहां से आयोग के पूर्व के निर्णय को निरस्त किया गया है। ऐसी दशा में सुने जाने का औचित्य ना होने से नस्तीबद्ध किया गया।
अन्य प्रकरण में अनावेदक पांच बार से लगातार अनुपस्थित था। अनावेदक ने आवेदिका के साथ विक्रय अनुबन्ध की राशि हड़पने और धोखाधड़ी का कार्य किया है। अतः अनावेदक की फर्म मेसर्स एस.एस.ए. बिलकाॅन रायपुर को रेरा से उसका पंजीयन निरस्त करने की अनुशंसा आयोग द्वारा किया गया। आवेदिका इस आडरशीट की काॅपी के साथ अनावेदक का पंजीयन निरस्त करने की प्रक्रिया का आवेदन रेरा में प्रस्तुत कर सकती है। अनुशंसा के साथ प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया।

अन्य प्रकरण में आवेदिका की शिकायत के आधार पर अनावेदक के शिक्षा समिति की मान्यता समाप्त करने की अनुशंसा आयोग द्वारा किया जा सकता है यह सुनकर अनावेदक के स्थान पर उपस्थित उनके वकील द्वारा एक घंटे का समय चाहा है, अनावेदकगण अनुपस्थित रहते है तो आयोग अपना आगामी निर्णय देगी। (03ः00 बजे) अनावेदक उपस्थित, दोनों पक्षों को विस्तार से सूना गया। अनावेदक के पास दस्तावेज कार्यालय में है उन्हें लेकर वह अपना जवाब देने तैयार है। आवेदिका को अपना जवाब संशोधित करने समझाइश दिया गया व अपना आवेदन काॅपी अनावेदक को कार्यालय में दे ताकि अनावेदक जवाब के साथ उपस्थित हो। प्रकरण की सुनवाई 10 जुलाई 2026 को रायपुर में रखा जाता है। यदि अनावेदक उक्त सुनवाई में अनुपस्थित रहता है तो ऐसी दशा में उनके शिक्षण संस्थान की मान्यता रद््द करने की अनुशंसा की जायेगी।
7 साल से आवेदिका का करता था शोषण, आयोग के निर्देश पर अब करेंगा आवेदिका से विवाह
अन्य प्रकरण में अनावेदक आवेदिका का 7 साल से शारिरिक शोषण कर रहा है। आवेदिका के नाबालिक रहने के समय से अनावेदक शोषण करते आ रहा है और आवेदिका के नाबालिक रहने के समय से ही गर्भपात कराते आया है। एमपीएम हाॅस्पिटल धरमपुरा से अवेदिका का एबार्सन कराया गया है। इन सभी तथ्यों को आज अनावेदक ने स्वयं स्वीकार किया है। हर बार अनावेदक आवेदिका को शादी के लिये प्रलोभन देता रहा है और उसका गर्भपात भी उसने कराया है। इस स्तर पर आवेदिका उसके खिलाफ आपराधिक मामला पंजीबद्ध कराना चाहती है। सिटी कोतवाली थाना जगदलपुर इस अनावेदक के खिलाफ तत्काल प्रभाव से थ्प्त् दर्ज करवा सकते है। इस बात को सुनते ही अनावेदक ने प्रस्ताव रखा कि वह आवेदिका के साथ शादी करने के लिये तैयार है। अनावेदक के साथ उपस्थित उसके रिश्तेदार ने आयोग के समक्ष जिम्मेदारी लिया है कि वह अनावेदक का विवाह आवेदिका से करायेंगे। आवेदिका की ओर से उसके चाचा व रिश्तेदार उपस्थित। यदि अनावेदक आवेदिका से कल दिनंाक 02 जुलाई 2026 को विवाह करता है तो आवेदिका और उसके परिजन तैयार है लेकिन वह विवाह से इंकार करता है तो ऐसी दशा में अनावेदक के खिलाफ थाना तोंगपाल, जिला-सुकमा में जाकर अनावेदक के खिलाफ थ्प्त् दर्ज करा सकेंगी और आज की आॅर्डर शीट की काॅपी सबूत के तौर पर दे सकेगी। इस आॅर्डर शीट के लिखे जाने के दौरान ।क्ड बस्तर स्वयं उपस्थित है एवं थाना क्षेत्र के ।ैप् उपस्थित है। सदस्य आयोग सुश्री दिपीका शोरी विवाह की साक्षी रहेंगी। इस अनुशंसा के साथ प्रकरण विवाह होने तक स्थगित रखा जाता है। विवाह हो जाने के पश्चात् प्रकरण नस्तीबद्ध किया जायेंगा। विवाह न किये जाने की स्थिति मे अनावेदक के विरूद्ध बलात्कार एवं पाॅक्सों एक्ट के तहत्त मामला दर्ज किया जायेंगा।

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