Saturday, June 22, 2024

मां महागौरी की महा आरती में एनटीपीसी कोरबा के महाप्रबंधक पीएमजे ना सपरिवार उपस्थित रहे मां की आरती कर मां से क्षेत्र की खुशहाली की कामना की

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मां महागौरी के महा आरती में एनटीपीसी कोरबा के महाप्रबंधक पी एम जेना सह परिवार उपस्थित रहे, मां की आरती कर मां से क्षेत्र की खुशहाली की कामना की

कोरबा :- नवरात्र पर्व के आठवें दिन सोमवार को देवी दरबारों सहित स्थापित की पंडालों में मां महागौरी की पूजा की गई।इसी कड़ी में नव दुर्गा उत्सव समिति एनटीपीसी द्वारा स्थापित की गई माता दुर्गा के महाआरती में एनटीपीसी के महाप्रबंधक पी एम जेना सह परिवार उपस्थित होकर मां की आरती की एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।

बता दें कि हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार देवी शैलपुत्री,सोलह वर्ष की आयु में,अत्यंत सुंदर थीं और एक गोरे रंग के साथ धन्य थीं। इसलिए मां की गोरी त्वचा के कारण देवी महागौरी के रूप में जाना जाने लगा।मां शैलपुत्री की तरह मां महागौरी एक बैल की सवारी करती हैं, और इसी वजह से मां महागौरी को वृषारुधा कहा जाता है। माता के चार हाथ हैं – एक हाथ में त्रिशूल है और दूसरा अभय मुद्रा में रहता है, वह एक बाएं हाथ में डमरू रखती है और दूसरे को वरद मुद्रा में रखती है। देवी मां महागौरी की तुलना अक्सर शंख, चंद्रमा और कुंड के सफेद फूल से की जाती है, क्योंकि उनका रंग गोरा है। वह श्वेतांबरधारा के नाम से भी जानी जाती हैं, क्योंकि वह हमेशा सफेद कपड़े पहनती हैं। वह पवित्रता और शांति का प्रतीक हैं।

मां महागौरी अपने भक्तों को धनधान्य पूर्ण और शानदार जीवन शैली प्रदान करने और उनके सभी कष्टों को दूर करने के लिए जानी जाती हैं। अष्टमी के दौरान मां महागौरी की पूजा करने से भक्तों के सभी समस्याओं और पापों से छुटकारा मिलता है।अष्टमी व्रत का भी महत्व है क्योंकि यह समृद्धि और भाग्य लाता है।

भारत के कुछ हिस्सों में, लोग अष्टमी के दौरान अस्त्र पूजा भी करते हैं। कई भक्त इसे अपने औजारों की पूजा करने के लिए एक शुभ दिन मानते हैं। इसके अतिरिक्त, माँ दुर्गा के हथियारों को नारी शक्ति के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है।
नव दुर्गा उत्सव समिति के सदस्यों ने बताया की एनटीपीसी कोरबा के महाप्रबंधक पी एम जेना के सह परिवार के उपस्थिति में आज मां महागौरी की पूजा अर्चना कर आरती की गई।कल यानी 4 अक्टूबर नवमी तिथि को सुबह 7 बजे से 11 बजे तक हवन अनुष्ठान किया जाएगा,तत्पश्चात कन्या भोजन कराया जाएगा,उसके बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा।जिसमे समिति की ओर से अपील किया गया है की हवन अनुष्ठान में अधिक से अधिक संख्या में पहुंच कर पुण्य के भागीदार बनें।

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