
राज्य एवं संभाग स्तरीय टीम ने पांच स्वास्थ्य संस्थानों का किया निरीक्षण, मरीजों से भी ली फीडबैक






कोरबा। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, स्वच्छता और संक्रमण नियंत्रण व्यवस्था को परखने के लिए राज्य एवं संभाग स्तरीय कायाकल्प मूल्यांकन टीम ने दो दिवसीय निरीक्षण किया। 6 एवं 7 जुलाई 2026 को टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटघोरा, पाली, पोड़ी उपरोड़ा, करतला तथा रानी धनराज कुंवर देवी शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का विस्तृत निरीक्षण कर विभिन्न व्यवस्थाओं का मूल्यांकन किया।
निरीक्षण दल में डॉ. गायत्री बांधी (संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं बिलासपुर), डॉ. रेणुका सामुएल (स्त्रीरोग विशेषज्ञ), डॉ. प्रदीप टंडन (एसपीएम, रायपुर), डॉ. ऋषिकेश रात्रे (संभागीय क्वालिटी कंसल्टेंट) एवं डॉ. देवेंद्र गुर्जर (हॉस्पिटल कंसल्टेंट) शामिल रहे।
टीम ने अस्पतालों में स्वच्छता, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, संक्रमण नियंत्रण, ओपीडी, आईपीडी, प्रसव कक्ष, प्रयोगशाला, एक्स-रे कक्ष, दवा वितरण केंद्र, स्टोर, पेयजल एवं शौचालय सहित अन्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। साथ ही अस्पताल में भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से उपचार, दवाइयों और भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. कुमार पुष्पेश, जिला कार्यक्रम प्रबंधक पद्माकर शिंदे, शहरी कार्यक्रम प्रबंधक ज्योत्सना ग्वाल, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के खंड चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मूल्यांकन टीम ने अस्पतालों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना करते हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गुणवत्ता में निरंतर सुधार और मरीजों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। टीम ने कहा कि कायाकल्प के सभी मानकों का पालन सुनिश्चित कर मरीजों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी ने कहा कि कायाकल्प योजना का उद्देश्य शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, गुणवत्ता और संक्रमण नियंत्रण के उच्च मानकों को स्थापित करना है। नियमित मूल्यांकन से स्वास्थ्य संस्थानों की कार्यप्रणाली में सुधार होता है और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
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