
सह-आरोपी जितेंद्र मसीह की गिरफ्तारी के अगले ही दिन पुलिस ने दबोचा मुख्य आरोपी, दोनों पर घोषित था ₹5 हजार का इनाम
कोरबा, 1 अगस्त 2026। लगभग दो वर्ष पुराने चर्चित हत्या प्रकरण में कोरबा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना उरगा क्षेत्र के अपराध क्रमांक 248/2024 में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी वैभव भारती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
खास बात यह है कि सह-आरोपी जितेंद्र मसीह की गिरफ्तारी के ठीक अगले दिन पुलिस ने मुख्य आरोपी को भी पकड़ लिया। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक कोरबा द्वारा कुल ₹5,000 का इनाम घोषित किया गया था।
बहन पर गलत नजर रखने के शक में रची हत्या की साजिश
पुलिस की विवेचना में सामने आया कि मृतक विकास अग्रवाल और आरोपी वैभव भारती के बीच पुराना विवाद और रंजिश थी। वैभव को संदेह था कि मृतक उसकी बहन पर गलत नजर रखता है। इसी रंजिश के चलते उसने अपने साथी जितेंद्र मसीह के साथ मिलकर विकास अग्रवाल को रास्ते से हटाने की कथित साजिश रची।
शादी समारोह में शराब में मिलाया चूहा मारने का जहर
पुलिस के अनुसार, 16 फरवरी 2024 को एक शादी समारोह के दौरान दोनों आरोपियों ने पहले मृतक को शराब पिलाई। इसके बाद दुकान से चूहा मारने की जहरीली दवा लाकर शराब में मिलाई गई और डिस्पोजेबल गिलास के जरिए मृतक को पिला दी गई।
कुछ समय बाद विकास अग्रवाल की तबीयत बिगड़ गई। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम और एफएसएल जांच में जहरीले पदार्थ की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने हत्या एवं आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
दो साल तक पुलिस से बचते रहे, अब दोनों आरोपी सलाखों के पीछे
घटना के बाद दोनों आरोपी फरार हो गए थे। गंभीर और चर्चित प्रकरण होने के कारण पुलिस अधीक्षक कोरबा ने दोनों फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर कुल ₹5,000 का पुरस्कार घोषित किया था।
थाना उरगा पुलिस द्वारा आरोपियों की तलाश में लगातार तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी। 31 जुलाई 2026 को सह-आरोपी जितेंद्र मसीह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को मिले महत्वपूर्ण तथ्यों के आधार पर मुख्य आरोपी वैभव भारती तक पहुंचने के प्रयास तेज किए गए। आखिरकार 1 अगस्त को पुलिस ने वैभव भारती को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी द्वारा घटना के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दिए जाने की बात पुलिस ने कही है। आरोपी का मेमोरेंडम कथन भी लिया गया है।
‘सजग कोरबा, सतर्क कोरबा’ अभियान में लंबित गंभीर अपराधों पर शिकंजा
पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में थाना उरगा पुलिस द्वारा ‘सजग कोरबा, सतर्क कोरबा’ अभियान के तहत गंभीर एवं लंबित अपराधों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
करीब दो वर्ष पुराने इस हत्या प्रकरण में मुख्य आरोपी वैभव भारती और सह-आरोपी जितेंद्र मसीह की गिरफ्तारी से पुलिस ने मामले की जांच को निर्णायक दिशा दी है। लगातार निगरानी, तकनीकी विश्लेषण, वैज्ञानिक विवेचना और मुखबिर तंत्र के समन्वय से फरार आरोपियों तक पहुंचने में पुलिस को सफलता मिली।
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