
गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान से लेकर टीबी जांच, कुष्ठ नियंत्रण और सर्पदंश से बचाव तक की हुई समीक्षा
कोरबा,04 अगस्त। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी की अध्यक्षता में जिले के समस्त विकासखंडों के ब्लॉक समन्वयकों एवं स्वास्थ्य पंचायत समन्वयकों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं और अभियानों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए मैदानी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिला कुष्ठ अधिकारी, जिला लेखा प्रबंधक, जिला समन्वयक, शहरी समन्वयक, डीएमसी, 10 ब्लॉक कोऑर्डिनेटर एवं 5 एसपीएस उपस्थित रहे।
गर्भवती महिलाओं की निगरानी पर विशेष जोर
सीएमएचओ डॉ. एस.एन. केशरी ने गर्भवती महिलाओं की प्रथम तिमाही में पहचान कर समय पर पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं आवश्यक जांच कराने, उन्हें आयरन एवं कैल्शियम की दवाइयां नियमित रूप से मिल रही हैं या नहीं, इसकी लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा।
उन्होंने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए क्षेत्रवार कार्ययोजना बनाकर प्रभावी ढंग से काम करने पर भी जोर दिया।
टीबी और कुष्ठ नियंत्रण अभियान की समीक्षा
टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए टीबी के संभावित मरीजों की पहचान कर उन्हें एक्स-रे जांच के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए गए। वहीं कुष्ठ नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मरीजों की पहचान एवं आवश्यक एंट्री कार्य में सहयोग करने के लिए समन्वयकों को निर्देशित किया गया।
मौसमी बीमारियों और सर्पदंश को लेकर जागरूकता
बैठक में बारिश के मौसम में होने वाली मौसमी बीमारियों की रोकथाम को लेकर भी चर्चा हुई। सीएमएचओ ने गांव-गांव में लोगों को जागरूक करने, बीमारी होने पर तत्काल उपचार एवं निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सर्पदंश की घटनाओं से बचाव के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने तथा सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को झाड़-फूंक के बजाय तत्काल नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अथवा अस्पताल पहुंचाने के लिए प्रेरित करने को कहा गया।
मितानिन दवा पेटी में जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
डॉ. केशरी ने कहा कि मितानिन अपने-अपने क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर लोगों को मौसमी बीमारियों एवं सर्पदंश से बचाव के प्रति जागरूक करें। बीमारी या सर्पदंश की घटना होने पर मरीज को तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने मितानिन दवा पेटी में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
स्तनपान सप्ताह में जागरूकता बढ़ाने पर जोर
बैठक में 1 से 7 अगस्त तक मनाए जा रहे स्तनपान सप्ताह के तहत गर्भवती महिलाओं एवं आम लोगों को शून्य से छह माह तक के बच्चों के लिए केवल स्तनपान के महत्व की जानकारी देने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों से अपील की गई कि वे समुदाय स्तर पर जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से माताओं को शिशु के लिए स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक करें।
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