
जांजगीर-चांपा पुलिस का अभिनव अभियान, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होगी पहल


जांजगीर-चांपा, 28 अगस्त 26। रक्षाबंधन के पावन पर्व को साइबर सुरक्षा से जोड़ते हुए जांजगीर-चांपा पुलिस ने “एक राखी साइबर जागृति की” अभियान का जिलेभर में ऐतिहासिक शुभारंभ किया। अभियान के तहत जिले के 432 गांवों, शहरी वार्डों, शासकीय कॉलेजों, हायर सेकेंडरी स्कूलों और सरकारी कार्यालयों में एक साथ लोगों को “साइबर जागृति की राखी” बांधी गई। पुलिस के अनुसार अभियान में 1 लाख 50 हजार से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
इस अभिनव पहल को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। अभियान के सत्यापन के बाद गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड छत्तीसगढ़ की राज्य प्रभारी सोनल राजेश शर्मा ने कार्यक्रम के दौरान इसका प्रमाणपत्र पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा को प्रदान किया।
ऑडिटोरियम में हुआ जिला स्तरीय शुभारंभ
जिला स्तरीय कार्यक्रम जांजगीर स्थित ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर जनमेजय महोबे और पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात उदयन बेहार, डीएसपी मुख्यालय विजय पैकरा, डीएसपी अजाक सतरूपा तारम, सीएसपी जांजगीर योगिताबाली खापर्डे, रक्षित निरीक्षक प्रदीप कुमार जोशी, साइबर प्रभारी भास्कर शर्मा सहित पुलिस अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।




राखी के साथ लिया साइबर सुरक्षा का संकल्प

कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि राखी बहन की रक्षा का संकल्प है, उसी तरह समाज को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने का संकल्प भी जरूरी है। इसी संदेश के साथ लोगों को साइबर अपराधों से बचाव की शपथ दिलाई गई।

जिले के 432 गांवों में पुलिसकर्मियों, ग्राम कोटवारों और महिला कमांडो ने लोगों को राखी बांधकर साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। लोगों को फर्जी लिंक पर क्लिक नहीं करने, अनजान कॉल पर OTP और बैंक संबंधी जानकारी साझा नहीं करने, सोशल मीडिया पर सतर्क रहने तथा साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई।

महिला कमांडो, स्व सहायता समूह और जेल बंदियों का योगदान

“साइबर जागृति की राखी” तैयार करने में जिला पुलिस के साथ महिला कमांडो, महिला स्व सहायता समूहों और जिला जेल के कैदियों ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। अभियान के माध्यम से पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ गांव से शहर तक सामूहिक जागरूकता का संदेश पहुंचाने का प्रयास किया।

जांजगीर-चांपा पुलिस का यह अभियान साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच आम लोगों को सतर्क करने की दिशा में एक अनूठी पहल के रूप में सामने आया है।


संदेश: “राखी का बंधन, साइबर सुरक्षा का संकल्प—सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।”
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