शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा देकर रायगढ़ के डॉक्टर से ₹34.17 लाख की ठगी, कॉल सेंटर और म्यूल बैंक खातों के जरिए चल रहा था नेटवर्क; 140-150 सिम कार्ड उपलब्ध कराने की भी जांच

रायगढ़, 29 अक्टूबर 2026। शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले साइबर नेटवर्क का रायगढ़ पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मध्यप्रदेश के इंदौर में कार्रवाई करते हुए तीन युवतियों और दो युवकों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में इंदौर के एक कॉल सेंटर, म्यूल बैंक खातों और सिम कार्ड के जरिए साइबर ठगी की रकम का लेनदेन किए जाने से जुड़े तथ्य सामने आए हैं।
इस नेटवर्क के जरिए रायगढ़ के एक डॉक्टर से ₹34,17,531 की ऑनलाइन ठगी किए जाने का मामला भी सामने आया है। आरोपियों की गिरफ्तारी से साइबर पुलिस थाना रायगढ़ में दर्ज दो अपराधों का खुलासा हुआ है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों और दूसरे राज्यों में फैले संपर्कों की जांच कर रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और पुष्पेन्द्र बघेल के मार्गदर्शन में साइबर पुलिस थाना रायगढ़ की विशेष टीम ने यह कार्रवाई की।
शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा, डॉक्टर ने गंवाए ₹34.17 लाख
पुलिस के अनुसार, सोनकरपारा निवासी डॉ. दिलीप कुमार मिश्रा ने 27 मई 2026 को साइबर पुलिस थाना रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि मार्च 2025 में मोबाइल फोन के माध्यम से सुनील नामक व्यक्ति से उनका संपर्क हुआ। उसने शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर स्पार्टन ट्रेड कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया।
व्हाट्सऐप के माध्यम से कंपनी का पोर्टफोलियो भेजा गया, जिसमें निवेश पर अच्छा लाभ होता हुआ दिखाई देता था। इसके बाद अन्य लोगों ने भी डॉक्टर से संपर्क कर अलग-अलग समय पर निवेश कराया। शिकायत के मुताबिक, 28 अप्रैल 2025 से 3 अप्रैल 2026 के बीच उनसे कुल ₹34,17, 531 निवेश कराए गए।
पोर्टफोलियो में लगातार बढ़ता मुनाफा दिखाया जाता रहा, लेकिन जब डॉक्टर ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की तो पैसा नहीं निकला। इसके बाद भी उनसे और निवेश करने के लिए कहा गया। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की। मामले में अपराध क्रमांक 06/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
बैंक खाते को बनाया ठगी की रकम का माध्यम
दूसरे मामले में रायगढ़ निवासी सूरज शर्मा ने अपने पंजाब नेशनल बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन होने और खाता फ्रीज किए जाने के संबंध में पुलिस से जांच की मांग की थी।
आवेदन के अनुसार, 12 दिसंबर 2025 से 7 जनवरी 2026 के बीच उसके खाते में 18 बार में कुल ₹2,97,298 का लेनदेन हुआ। महाराष्ट्र, कर्नाटक और पंजाब में शिकायतें सामने आने के बाद बैंक खाते पर रोक लगा दी गई थी।
जांच के दौरान पुलिस को खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेनदेन में किए जाने की आशंका मिली। पुलिस के मुताबिक, इंदौर की गायत्री विश्वकर्मा के माध्यम से सूरज शर्मा को नकद और यूपीआई के जरिए कमीशन मिलने के तथ्य भी सामने आए। इसके बाद 30 सितंबर 2026 को अपराध क्रमांक 13/2026 के तहत सूरज शर्मा और गायत्री विश्वकर्मा के विरुद्ध अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
मोबाइल नंबरों के सुराग से इंदौर के कॉल सेंटर तक पहुंची पुलिस
दोनों मामलों की जांच के दौरान पुलिस को एक साझा मोबाइल नंबर के इस्तेमाल के संबंध में जानकारी मिली। यह नंबर इंदौर की तनिषा पाटिल से जुड़ा पाया गया। सूरज शर्मा और गायत्री विश्वकर्मा के बीच संपर्क के तथ्यों की भी जांच की गई।
मोबाइल नंबरों की लोकेशन इंदौर के अलग-अलग क्षेत्रों में मिलने के बाद साइबर पुलिस की विशेष टीम इंदौर रवाना हुई। टीम ने पलासिया क्षेत्र स्थित एक कॉल सेंटर में दबिश देकर गायत्री विश्वकर्मा और तनिषा पाटिल को पकड़ा। इसके बाद विजय नगर क्षेत्र से ज्योति मालवीय और उसकी जानकारी के आधार पर परदेशीपुरा क्षेत्र से तरुण नागर को गिरफ्तार किया गया।
वहीं, इंदौर से खरसिया आकर अपने रिश्तेदार के यहां रह रहे सूरज शर्मा को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को इंदौर में न्यायालय के समक्ष पेश कर ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी करने के बाद रायगढ़ लाया गया।
140-150 सिम कार्ड उपलब्ध कराने की जानकारी
पुलिस की जांच में साइबर ठगी के लिए लगभग 140 से 150 सिम कार्ड उपलब्ध कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इस नेटवर्क में म्यूल बैंक खातों और सिम कार्ड के इस्तेमाल की भूमिका की जांच की जा रही है। आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर उनके बैंक खातों और लेनदेन से जुड़े विवरणों की पड़ताल की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, अपराध क्रमांक 06/2026 में तरुण नागर, ज्योति मालवीय और तनिषा पाटिल की भूमिका सामने आई है, जबकि अपराध क्रमांक 13/2026 में सूरज शर्मा, गायत्री विश्वकर्मा और तनिषा पाटिल की भूमिका की जांच की गई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर रिमांड की कार्रवाई की जा रही है। नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में दूसरे राज्यों में भी दबिश दी जा रही है।
ये पांच आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़ पुलिस ने इस मामले में इन आरोपियों को गिरफ्तार किया है:
1. ज्योति मालवीय (20 वर्ष) — निवासी मोहनीपुरा, जिला राजगढ़, मध्यप्रदेश; वर्तमान पता विजय नगर, इंदौर।
2. तनिषा पाटिल (21 वर्ष) — निवासी कृष्णबाग कॉलोनी, विजय नगर, इंदौर।
3. तरुण नागर (23 वर्ष) — निवासी जिला राजगढ़, मध्यप्रदेश; वर्तमान पता नंदा नगर, परदेशीपुरा, इंदौर।
4. गायत्री कुमारी विश्वकर्मा (21 वर्ष) — निवासी किरोड़ीमल नगर, रायगढ़; वर्तमान पता विजय नगर, इंदौर।
5. सूरज शर्मा (21 वर्ष) — निवासी हिल व्यू कॉलोनी, पतरापाली, रायगढ़।
एसएसपी की अपील: बैंक खाता और सिम कार्ड किसी को न दें
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि शेयर ट्रेडिंग में अत्यधिक मुनाफे का लालच देने वाले अनजान व्यक्तियों और कंपनियों के झांसे में आकर निवेश न करें। उन्होंने कहा कि अपने बैंक खाते, सिम कार्ड और पहचान संबंधी दस्तावेज किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। साइबर अपराधों में संलिप्त लोगों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
जांच टीम की अहम भूमिका
इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक,निरीक्षक विमल राय, एएसआई नंद कुमार सारथी, आरक्षक महेश पंडा, पुष्पेन्द्र जाटवर, प्रशांत पंडा, जितेन्द्र कुर्रे, रविन्द्र गुप्ता, धर्मेन्द्र सिंह, विकास प्रधान तथा महिला आरक्षक लता नारंगे और यशोमति की अहम भूमिका रही।





