
जांजगीर-चांपा। सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने और नशामुक्ति का संदेश गांव-गांव तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ड्यूटी के बाद देर रात पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय थाना मुलमुला क्षेत्र के ग्राम अमोरा पहुंचे। यहां आयोजित विशेष जागरूकता कार्यक्रम में उन्होंने ग्रामीणों, महिला कमांडो टीम और बच्चों से संवाद करते हुए अमोरा को पूर्णतः नशामुक्त गांव घोषित किया तथा इसे पूर्ण हेलमेट युक्त गांव बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) उदयन बेहार, एसडीओपी प्रदीप कुमार सोरी तथा थाना प्रभारी पारस पटेल भी मौजूद रहे।
एसपी पाण्डेय ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार के भविष्य को प्रभावित करता है। उन्होंने ग्रामीणों से संकल्प लेने की अपील की कि वे न स्वयं नशा करेंगे और न ही किसी अन्य को करने देंगे।
महिला कमांडो टीम की सराहना
एसपी ने ग्राम अमोरा की महिला कमांडो टीम के कार्यों की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गांव की महिलाएं जिस तरह रात में सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों के गले में रेडियम पट्टी बांधकर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने का प्रयास कर रही हैं, वह पूरे जिले के लिए प्रेरणादायक है। एएसपी यातायात उदयन बेहार ने भी इस पहल को अनुकरणीय मॉडल बताया।

‘एक हेलमेट पति के नाम’ अभियान के तहत बांटे हेलमेट
सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम में महिला कमांडो टीम को ‘एक हेलमेट पति के नाम’ अभियान के तहत हेलमेट वितरित किए गए। एसपी ने कहा कि परिवार की सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनना बेहद जरूरी है और महिलाओं की भूमिका इसमें महत्वपूर्ण हो सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के अधिकांश लोग अब हेलमेट पहनकर ही दोपहिया वाहन चलाते हैं।
150 महिला कमांडो और सरपंच सम्मानित
नशामुक्ति, महिला सशक्तीकरण और अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने में उत्कृष्ट योगदान के लिए गांव के सरपंच सहित करीब 150 महिला कमांडो को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं अवैध शराब के खिलाफ लगातार कार्रवाई और जनजागरूकता अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने पर थाना प्रभारी पारस पटेल को महिला कमांडो टीम और ग्राम सरपंच ने स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
बच्चों के साथ काटा केक, दिया प्रेरक संदेश
कार्यक्रम के दौरान एसपी विजय पाण्डेय ने बच्चों के साथ केक काटकर खुशियां साझा कीं। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासित जीवन अपनाने और मोबाइल की लत से दूर रहकर खेलकूद में भाग लेने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और नशामुक्त अमोरा के निर्माण में बच्चों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
एसपी ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच सीधा संवाद ही सामुदायिक पुलिसिंग की वास्तविक ताकत है। जब गांव स्वयं अपनी सुरक्षा और सामाजिक सुधार की जिम्मेदारी उठाता है, तो अपराध और दुर्घटनाएं स्वतः कम होने लगती हैं। अमोरा गांव इसका उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है।
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