परिवार न्यायालय में न्यायमित्र से अभद्रता, न्यायालयीन कार्य बाधित करने वाला आरोपित गया जेल
रायगढ़ 7 जुलाई 2024। कल दिनांक 06/07/2024 को परिवार न्यायालय रायगढ़ के प्रस्तुतकर प्रबोध टोप्पो द्वारा थाना चक्रधरनगर में आरोपित गोविंद परधान पर न्यायालय के अंदर न्यायमित्र के साथ अभद्रता करने तथा न्यायालयीन कार्य बाधित करने के संबंध में कार्यवाही को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया गया ।
आरोपित के विरूद्ध प्राप्त आवेदन अनुसार कल परिवार न्यायालय रायगढ में धारा 125 के अंतर्गत प्रकरण में आवेदिका एवं अनावेदक गोविन्द परधान उपस्थित होना था । दोपहर करीब 03:15 बजे आवेदिका साक्ष्य हेतु न्यायालय में अपने न्यायमित्र आशीष कुमार मिश्रा के साथ उपस्थित हुई। इसी दौरान उभयपक्ष को समझाईश दिया जा रहा था । इसी दौरान अनावेदक गोविन्द परधान के द्वारा आक्रोशित होकर आवेदिका के न्यायमित्र आशीष कुमार मिश्रा को गुस्से में आकर उगली दिखाते हुए बदतमीजी से बात किया गया और जोर-जोर से चिल्लाने लगा । अनावेदक के कृत्य से न्यायालय का कार्य बाधित हो गया है तथा न्यायालय के अंदर गंभीर कृत्य है । साथ ही न्यायालय के गरिमा पर विपरीत प्रभाव पड़ा । आवेदन पर थाना चक्रधरनगर में आरोपित गोविंद प्रधान पर अपराध क्रमांक 333/2024 धारा 221, 267, 332(c), 351(2) बीएनएस एवं न्यायालय अवमान अधिनियम 1971 की धारा 12 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर चक्रधरनगर पुलिस द्वारा आरोपी गोविंद प्रधान, पिता- गणेश प्रधान,उम्र – 46 वर्ष, निवासी- चांदमारी, थाना- सिटी कोतवाली रायगढ़ को गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी रायगढ़ के न्यायालय पेश किया गया। माननीय न्यायाधीश द्वारा आरोपी के कृत्य पर जेल वारंट जारी किए जाने पर चक्रधरनगर पुलिस द्वारा आरोपी गोविंद परधान को जेल दाखिल किया गया है ।
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