
आर ए नारायण का आवेदन लाभ लेने की मंशा से पूर्वाग्रह एवं स्वयं में संदिग्ध
कोरबा। आवेदनकर्ता आर ए नारायण भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा बालको के मंडल अध्यक्ष हैं। जिन्होंने कलेक्टर जिला कोरबा को एक शिकायत पत्र प्रेषित किया है एवं तहसील कार्यालय दर्री के अधिकारी कर्मचारियों के स्थानांतरण की मांग की है एवं भारी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए 22000रुपए तहसीलदार एवं 5000रुपए पटवारी और बाबू को देने की बात कही गई है जो उनके आवेदन से ही स्वतः स्पष्ट हो रहा है यह बनावटी एवं काम निकालने के लिए नेतागिरी नुमा दबाव बनाया जा रहा है। सर्व विदित है कि शासकीय कार्य में नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन आज कंप्यूटरीकृत आवश्यकता बन चुकी है क्योंकि प्रत्येक कार्य डिजिटल पारदर्शी एवं आमजन को सुलभ जानकारी पर आधारित है।
भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के बालको मंडल अध्यक्ष इस बात से पूर्ण वाकिफ है की छत्तीसगढ़ राज्य में इस समय भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने प्रतिदिन पूरी सक्रियता से काम किया जा रहा है जिस पर लगातार संचार माध्यम से जानकारी प्राप्त हो रही है। डायल 1064 के माध्यम से किसी भी शासकीय कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार या अन्यथा उपार्जन के प्रति शिकायत के लिए 24 घंटे पोर्टल पर जानकारी देकर भ्रष्ट कर्मचारी अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ कर जेल के सलाखों में डाला जा रहा है। यहां यह भी उल्लेख करना आवश्यक है कि वर्तमान में कटघोरा SDM तन्मय खन्ना ने स्पष्ट एवं सख्त रुख अपनाते हुए अपने अनुविभाग के अंतर्गत किसी भी अधिकारी कर्मचारी द्वारा रुपए की मांग किए जाने पर प्रत्येक कार्यालय में अपने मोबाइल नंबर 84478 95846 नोटिस चस्पा कर दिया है ऐसे में नगद राशि का उल्लेख कर लेना देना बताया जा रहा है जो संभव हो ही नहीं सकता। शिकायत कर्ता द्वारा नगद देना और देने का आरोप लगाना सामान्य बात है।शासकीय कार्य में दबाव बना कर अपने हित में निर्णय पारित करवाने की चेष्टा करना गंभीर अपराध के श्रेणी में आता है।श्री नारायण ने शिकायत कर उनके पद को प्रभावित करने की चेष्टा की है।
श्री नारायण द्वारा शिकायत करना और शिकायत पर संज्ञान लेना कलेक्टर का प्रशासनिक कर्तव्य है लेकिन IAS अधिकारी के समक्ष झूठी शिकायत कर सत्ताधारी दल के लेटर पैड एवं संगठन के पद का दुरुपयोग कर प्रभावित करने की कोशिश भी अपराध के श्रेणी में आता है।
एक IAS अधिकारी प्रशासनिक तौर पर शिकायत के उद्देश्य एवं गंभीरता को शिकायत पत्र के मजमून से ही समझ जाते हैं।
श्री नारायण द्वारा की गई शिकायत अपने मन मुताबिक उद्देश्य की पूर्ति में विलंब को देखते हुए मनगढ़ंत शिकायत एक शपथ पत्र एवं अन्य दस्तावेज को संलग्न करते हुए स्थानीय तहसील कार्यालय एवं जिलाधीश महोदय को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है ।देखना होगा कि निष्पक्ष जांच उपरांत नारायण अपने पक्ष में और कुत्सित मानसिकता से लाभ ले पाने में कितने कामयाब होते हैं।
















