
रायगढ़, 11 जून। महिला के साथ छेड़छाड़, अश्लील वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी देने और उसकी गरिमा भंग करने के पांच साल पुराने मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 3-3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी घरघोड़ा के न्यायालय ने आरोपी तरुण कुमार साहू, छबिलाल साहू और उग्रसेन साहू को भारतीय दंड संहिता की धारा 354-क, 354-ग एवं 509-क के तहत दोषसिद्ध पाया। मामले की विवेचना तत्कालीन थाना पूंजीपथरा में पदस्थ उप निरीक्षक गिरधारी साव ने की थी, जबकि अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी सत्यनारायण महिलाने ने प्रभावी पैरवी की।
अभियोजन के अनुसार 23 अक्टूबर 2020 को पीड़िता ने थाना पूंजीपथरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 14 अक्टूबर 2020 को वह अपने मंगेतर के साथ तराईमाल स्थित बंजारी मंदिर दर्शन के लिए गई थी। वापसी के दौरान गोदगोदा नाला घाट के पास आरोपियों ने दोनों को रोककर गाली-गलौज की, मोबाइल और नगदी छीन ली तथा पीड़िता और उसके मंगेतर के कपड़े उतरवाकर अश्लील फोटो और वीडियो बनाए। आरोपियों ने इन वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर पैसों की मांग भी की थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त किए। मोबाइल की वैज्ञानिक जांच में पीड़िता के अश्लील वीडियो बनाए जाने के महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले। न्यायालय में पीड़िता, उसके मंगेतर सहित कुल 9 गवाहों के बयान दर्ज किए गए तथा 16 दस्तावेजी एवं भौतिक साक्ष्य प्रस्तुत किए गए।
सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने माना कि आरोपियों ने महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य किया और अश्लील वीडियो बनाकर उसे धमकाया। इसके आधार पर तीनों आरोपियों को धारा 354-क एवं 354-ग के तहत 3-3 वर्ष तथा धारा 509-क के तहत 1-1 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया गया। हालांकि, लूटपाट से संबंधित आरोपों को अभियोजन पक्ष सिद्ध नहीं कर सका।
इस फैसले को महिलाओं के विरुद्ध अपराधों के मामलों में प्रभावी विवेचना और मजबूत अभियोजन का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
इस संबंध में रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ रायगढ़ पुलिस कठोर कार्रवाई और प्रभावी विवेचना के माध्यम से दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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