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खरसिया के बहुचर्चित वृद्ध हत्याकांड में दो सगे नातियों को उम्रकैद,मजबूत विवेचना और साक्ष्यों से दोषियों को मिली सजा

रायगढ़, 07 अगस्त 2026। खरसिया के बहुचर्चित वृद्ध हत्याकांड में रायगढ़ पुलिस की मजबूत विवेचना और अभियोजन की प्रभावी पैरवी के चलते न्यायालय ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों आरोपियों ने मकान और जमीन संबंधी पारिवारिक विवाद में अपने 62 वर्षीय नाना की टंगिया, फावड़ा और डंडे से हमला कर हत्या कर दी थी।

फाइल वीडीओ

अपर सत्र न्यायाधीश खरसिया  श्वेता श्रीवास्तव के न्यायालय ने 1 अगस्त 2026 को सत्र प्रकरण क्रमांक 01/2026 में थाना खरसिया के अपराध क्रमांक 684/2022 में आरोपी ओमप्रकाश डनसेना उर्फ गोलू और कार्तिक डनसेना को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34, 427 एवं 449 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास से दंडित किया।

मकान विवाद में 62 वर्षीय वृद्ध की हत्या

अभियोजन के अनुसार ग्राम सोण्डका निवासी गेंदलाल डनसेना (62) का पुश्तैनी मकान और जमीन को लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण और संपत्ति पर अधिकार को लेकर विवाद बढ़ता गया।

25 दिसंबर 2022 को आरोपियों ने मृतक के छोटे भाई के घर में घुसकर मारपीट और तोड़फोड़ की थी। इसके अगले दिन 26 दिसंबर को पारिवारिक बैठक के दौरान विवाद फिर बढ़ गया। दोनों आरोपी अपने वृद्ध नाना गेंदलाल डनसेना पर हमला करने दौड़े। जान बचाने के लिए मृतक कमरे में छिप गए, लेकिन आरोपियों ने गैस सिलेंडर से दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया और टंगिया, फावड़ा एवं डंडे से हमला कर उनकी हत्या कर दी।

एक आरोपी मौके से, दूसरा अगले दिन गिरफ्तार

घटना की सूचना मिलते ही तत्कालीन थाना प्रभारी खरसिया उप निरीक्षक नंद किशोर गौतम और चौकी प्रभारी जोबी एएसआई लक्ष्मी नारायण राठौर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी कार्तिक डनसेना को घटनास्थल से ही हिरासत में ले लिया, जबकि फरार आरोपी ओमप्रकाश डनसेना को अगले दिन मुखबिर की सूचना पर नावापारा रोड से गिरफ्तार किया गया।

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त टंगिया, फावड़ा, डंडा, गैस सिलेंडर तथा आरोपियों के घटना के समय पहने कपड़े जब्त किए। विवेचना के दौरान महत्वपूर्ण भौतिक एवं मौखिक साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में मजबूत चालान प्रस्तुत किया गया।

मामले की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी नंद किशोर गौतम द्वारा की गई। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर चौकी प्रभारी जोबी सहायक उप निरीक्षक लक्ष्मी नारायण राठौर द्वारा प्रकरण से जुड़े साक्ष्यों की न्यायालय में पेशी सुनिश्चित कराई गई।

मजबूत साक्ष्यों से दोनों दोषियों को उम्रकैद

पुलिस द्वारा प्रस्तुत ठोस साक्ष्यों और अभियोजन की प्रभावी पैरवी से न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषसिद्ध कर आजीवन कारावास की सजा सुनाई। रायगढ़ पुलिस ने इसे गंभीर अपराधों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना और दोषियों को कठोर दंड दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि गंभीर अपराधों में दोषियों को कठोर दंड दिलाना रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वैज्ञानिक विवेचना, ठोस साक्ष्य संकलन और अभियोजन के प्रभावी समन्वय से हत्या जैसे जघन्य मामलों में दोषियों को कड़ी सजा मिल रही है।

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