बांस के डंडे से सिर पर किया था जानलेवा हमला, रायपुर के डीकेएस अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम; घटना में प्रयुक्त डंडा जब्त
रायगढ़। जिले के ग्राम भिखारीमाल में मामूली विवाद के दौरान हुई मारपीट की घटना ने गंभीर रूप ले लिया। बांस के डंडे से सिर पर किए गए हमले में गंभीर रूप से घायल 43 वर्षीय कन्हैया महार की उपचार के दौरान मौत हो गई। मामले में चक्रधरनगर पुलिस ने हत्या की धारा जोड़ते हुए घटना में शामिल विधि से संघर्षरत बालक को अभिरक्षा में लिया है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया बांस का डंडा भी जब्त कर लिया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, घटना 25 अक्टूबर 2026 की रात की है। ग्राम भिखारीमाल निवासी कन्हैया महार अपनी पत्नी और बच्चों के साथ संबलपुर (ओडिशा) स्थित ससुराल से ट्रेन के जरिए घर लौटा था। घर के बाहर ऑटो चालक को किराया देने के लिए वह निकला, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा। देर रात करीब 1:30 बजे गांव के तीन युवक उसे अचेत अवस्था में घर लेकर पहुंचे। अगले दिन परिजन उसे जिला अस्पताल रायगढ़ ले गए।
परिजनों ने जब कन्हैया को घर छोड़ने आए युवकों से पूछताछ की तो पता चला कि देर रात उसका गांव के ही एक विधि से संघर्षरत बालक से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के दौरान बालक ने बांस के डंडे से कन्हैया के सिर पर वार कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे युवकों के साथ भी मारपीट किए जाने की जानकारी सामने आई।
घटना में गंभीर रूप से घायल कन्हैया को बेहतर उपचार के लिए रायपुर के डीकेएस अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद चक्रधरनगर पुलिस ने पूर्व में दर्ज मारपीट के मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का अपराध विस्तारित कर विवेचना आगे बढ़ाई।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विधि से संघर्षरत बालक को अभिरक्षा में लिया। उसके मेमोरेंडम कथन के आधार पर घटना में प्रयुक्त बांस का डंडा जब्त किया गया। इसके बाद बालक को किशोर न्याय बोर्ड रायगढ़ के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया।
इस पूरे मामले की विवेचना एवं कार्रवाई में चक्रधरनगर थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश मिश्रा और प्रशिक्षु उप निरीक्षक हर्ष चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।







