कोरबाछत्तीसगढ़

कोरबा में अधिवक्ता पुत्र ने मां की मौत पर मांगा न्याय,जानें क्या है मामला

स्टॉफ नर्स इंजेक्शन लगाना छोड़कर जन्मदिन मनाने में व्यस्त रही

कोरबा। मरीज की हालत से वाकिफ होने के बाद भी एसईसीएल अस्पताल के चिकित्सकों का ओवर कॉन्फिडेंस और मनमाना रवैया ने मरीज की जान ले ली। पुत्र के आग्रह को दरकिनार कर समय रहते अपोलो रेफर नहीं किया। डॉक्टरों से लेकर स्टाफ नर्स ने उपचार में लापरवाही बरती जिसके कारण अपोलो पहुंचने तक मरीज की मौत हो गई। सभी संबंधितों के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का अपराध पंजीबद्ध करने की मांग पुत्र ने की है।
पीडि़त अधिवक्ता दुरपा रोड,पुरानी बस्ती कोरबा निवासी चुन्नी लाल राजवाड़े पिता स्व. मदनमोहन राजवाड़े ने मानिकपुर चौकी प्रभारी को दिए शिकायत पत्र में बताया है कि माता श्रीमती गोदावरी बाई 81 वर्ष, को 10 फरवरी को सुबह 9.30 से 10 बजे के लगभग मुख्य अस्पताल मुड़ापार में सीने में कफ जमने के कारण सांस लेने में कठिनाई होने से भर्ती किया गया था। अस्पताल में डॉ. अचित्य कुमार के द्वारा चिकित्सा प्रारंभ किया गया तब तत्काल अपोलो अस्पताल रिफर करने का आग्रह पुत्र ने किया परंतु डॉक्टर के द्वारा रिफर करने से इंकार कर यहीं चिकित्सा उपलब्ध कराने की बात कही गई जबकि डॉक्टर को पूर्व में भी मरीज को अपोलो अस्पताल बिलासपुर रिफर किये जाने की जानकारी थी। कहा गया कि – “मैं आपकी माता जी को ठीक करके दौड़ाते हुए वापस घर भेजूंगा”।

डॉ. अचिंत्य कुमार द्वारा सुबह 10.30 बजे सीने का एक्स-रे कर बताया गया कि फेफड़े में पानी भर गया है। प्रारंभिक उपचार से लाभ नहीं दिखने पर पुन: 12.30 बजे अपोलो रिफर करने का निवेदन किया जिसे अनसुना कर दिया गया। दोपहर लगभग 2 बजे डॉ. अपूर्व शर्मा ने भी रिफर करने से मना कर दिया तथा उपस्थित नर्स को कोई इंजेक्शन देने की बात कही। नर्स के द्वारा लापरवाही करते हुए दोपहर 3 बजे तक इंजेक्शन नहीं लगाया गया और वह किसी का बर्थडे मनाने गई थी। दोपहर लगभग 3.30 बजे माता का स्वास्थ अत्यधिक खराब होने डॉ. अंचित्य व डॉ. अपूर्व द्वारा सीएमओ से बातचीत कर शाम 4 बजे रेफरल दस्तावेज तैयार कर अपोलो रिफर किया गया।
एंबुलेंस में खाली सिलेंडर, एक्स्ट्रा भी नहीं,कोई जिम्मेदारी तय नहीं
आनन-फानन में अस्पताल के एम्बुलेंस क्रमांक-सी.जी. 04 एन.के. 9047 में साथ में नर्स भेजने के आग्रह को अनसुना कर आया कुमुदिनी के साथ मरीज को अपोलो भेज दिया गया। एम्बुलेंस के सर्वमंगला मंदिर पहुँचने तक मां की सांसें रूकने लगी तब ड्राईवर संतोष महानदीया और आया कुमुदिनी ने बताया कि ऑक्सीजन सिलिन्डर खत्म हो गया है, वापस मुड़ापार जाना होगा। चालक ने बताया कि अस्पताल प्रबंधक के द्वारा एम्बुलेंस में एक्सट्रा सिलेण्डर रखवाया नहीं गया है। शाम 5 बजे ऑक्सीजन सिलेण्डर बदलकर अपोलो रवाना हुए। करीबन 7 बजे मोपका के पास सांसें उखडऩे लगी। अपोलो में प्रारंभिक जाँच पश्चात् डॉक्टर ने बताया कि, मरीज अब नहीं रही, आप लोग लेट कर दिये।
अपराधिक मानव वध का जुर्म दर्ज करें
पुत्र चुन्नीलाल ने कहा है कि उपरोक्त व्यक्तियों के द्वारा चिकित्सा उत्तरदायित्व एवं कर्तव्यों की घोर अवहेलना करते हुए तत्कालिक समय में उचित चिकित्सा के अभाव में यह जानते हुए भी कि, भर्ती मरीज का पूर्व में अपोलो में ईलाज चला है, मरीज गंभीर स्थिति में है, फिर भी घोर लापरवाही करते हुए उचित चिकित्सा के अभाव में उचित समय पर रिफर नहीं किये जाने से माता की मृत्यु हो गई। इनका कृत्य गैर इरादतन अपराध की श्रेणी में आता है। स्टार्फ नर्स भारती गार्डिया व रश्मि दवाई को सिरिंज में भरकर टेबल पर रखकर अस्पताल में ही किसी का जन्म दिन मनाने में व्यस्त थी। इनका कृत्य आपराधिक मानव वध की श्रेणी का गंभीर अपराध है इसलिए इन सभी पर अपराध दर्ज किया जाए।

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