कोरबाछत्तीसगढ़

डॉ.रवि जायसवाल के सफल इलाज से दुर्लभ व आक्रामक कैंसर मल्टीपल मायलोमा की मरीज नेहा को मिला नया जीवन

मध्य भारत के जाने-माने कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ.रवि रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल रायपुर में दे रहे हैं अपनी सेवाएं

कैंसर की भयावह बीमारी के चंगुल से अब तक हजारों मरीजों को बचा चुके हैं डॉ.रवि

रायपुर,कोरबा। कैंसर एवं रक्त रोग विशेषज्ञ डॉ.रवि जायसवाल के सफल इलाज व देखरेख के बेहतर प्रबंधन से दुर्लभ व आक्रामक कैंसर मल्टीपल मायलोमा की भयावह बीमारी से 32 वर्षीय महिला नेहा प्रजापति को नया जीवन मिला है, कीमोथेरेपी व इम्यूनोथेरेपी के पश्चात उनका बोन मैरो ट्रांसप्लांट डॉ.रवि के द्वारा किया गया, उन्होने फाईट किया और कैंसर पर विजय पाई। 05 वर्षीय बच्ची की मॉं नेहा अब पूर्णतः स्वस्थ हैं तथा उक्त गंभीर बीमारी के चंगुल से मुक्त हो चुकी हैं। मध्य भारत के जाने-माने कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ.रवि जायसवाल श्रीरामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, कम समय में बड़ी पहचान बनाने वाले डॉ.रवि ने अब तक हजारों मरीजों का सफल इलाज कर उन्हें विभिन्न प्रकार के कैंसर की बीमारी से मुक्त किया है, नया जीवन दिया है।

डॉ.रवि जायसवाल ने बताया कि छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ की रहने वाली 32 वर्षीय महिला मल्टीपल मायलोमा नाम के दुर्लभ कैंसर की बीमारी से जूझ रही थी, अक्टूबर 2024 में उनके रोग का निदान हुआ, नियमित रक्त परीक्षण के पश्चात उनके असामान्य प्रोटीन स्तर का पता चला। नेहा को दुर्लभ एवं आक्रामक कैंसर मल्टीपल मायलोमा डायग्नोस हुआ, यह भयावह कैंसर आमतौर पर ज्यादा उम्र के वयस्कों में पाया जाता है।नेहा का इलाज शुरू हुआ, कैंसर कोशिकाओं को कम करने के लिए कीमोथेरेपी व इम्यूनोथेरेपी के शुरूआती दौर के बाद नेहा को एक सर्जरी से गुजरना पड़ा। उन्होने बताया कि नेहा को बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया गया जो सफल रहा, उन्होने फाईट की और कैंसर पर विजय पाई,अब वे पूर्णतःस्वस्थ हैं।

बेहतर प्रबंधन, उम्मीद से बढ़कर रिकवरी

डॉ.रवि जायसवाल ने आगे बताया कि बोन मैरो ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया मार्च 2025 में की गई, यह एक कठिन लेकिन उम्मीद व आशाओं से भरी यात्रा थी, जिसके कारण नेहा को अपनी कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली की सुरक्षा हेतु कई सप्ताह सबसे अलग होकर रहना पड़ा, परिणाम स्वरूप उनकी रिकवरी उम्मीदों से भी बेहतर रही, मुझे खुशी है कि अब नेहा पूर्ण रूप से स्वस्थ हो चुकी हैं।

कैंसर चिकित्सा क्षेत्र में गढे हैं नए आयाम

डॉ.रवि जायसवाल कैंसर चिकित्सा जगत के सशक्त हस्ताक्षर के रूप में स्थापित हो चुके हैं, उन्होने कम समय में बड़ी पहचान बनाई है तथा कैंसर चिकित्सा के क्षेत्र में नये आयाम गढ़े हैं, 65 वर्षीय वृद्ध महिला का सफलतापूर्वक बोन मैंरो ट्रांसप्लांट कर उन्होने इतिहास रचा था, जो मध्य भारत की पहली घटना थी। इसी का परिणाम है कि डॉ.रवि जैसवाल के पास देश के विभिन्न प्रांतों के कैंसर मरीज अपना इलाज कराने आते हैं तथा पूर्ण स्वस्थ होकर लौटते हैं।

स्वर्ण पदक से सम्मानित हैं डॉ.रवि

डॉ.रवि जायसवाल को अंकोलॉजी में राष्ट्रपति स्वर्णपदक से सम्मानित किया जा चुका है, उन्होने अभी तक 10000 से ज्यादा इम्यूनोथेरेपी, कीमोथेरेपी व टारगेटेडथेरेपी के द्वारा कैंसर मरीजों को उपचार किया है। डॉ.रवि जायसवाल बोन-मैरो एक्सपर्ट है, उन्होने यू.एस.ए. से ट्रेनिंग प्राप्त की है, उन्होने अभी तक विभिन्न प्रकार के कैंसर से पीड़ित हजारों मरीजों को कैंसर मुक्त कर नया जीवन दिया है।

समय पर जांच व इलाज अत्यंत आवश्यक

डॉ.रवि जायसवाल का कहना है कि भारत में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए आमजन के बीच कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यंत महत्वपूर्ण है, कैंसर की जांच से रोग का शीघ्र पता चल जाएगा, जो कैंसर के प्रबंधन व उचित इलाज हेतु अत्यंत अनिवार्य है। उन्होने बताया कि अज्ञानता, भय व अन्य कारणों से कई महिलाओं व पुरूषों ने कैंसर उन्नत अवस्था तक पहुंच जाता है, जिसके लिए व्यापक उपचार की आवश्यकता होती है, अगर समय पर पता चल जाए तो ज्यादातर मामलों में कम उपचार, कम लागत पर भी इलाज किया जा सकता है तथा मरीज जीवित रहने की बेहतर संभावनाएं होती है।

सकारात्मक सोच बेहतर इलाज में सहायक

डॉ.रवि जायसवाल कहते हैं कि मरीज की सकारात्मक सोच उसके बेहतर इलाज में सहायता देती है। ’’ मैं लडूंगा, फाईट करूंगा और कैंसर को हराऊंगा ’’ यह सोच होनी चाहिए कैंसर की मरीज की, उसकी यह सोच बीमारी और उसके इलाज में सकारात्मक प्रभाव डालती है। डॉ.रवि जायसवाल बार-बार कहते हैं कि कैंसर अब असाध्य नहीं है, उसका पूर्ण इलाज होता है, कैंसर को पूरी तरह हराया जा सकता है, केवल जरूरत है बेहतर इलाज की।

विभिन्न प्रदेशों के मरीज पहुंचते है इलाज कराने

एक सफल कैंसर रोग विशेषज्ञ की पहचान बनाने वाले डॉ. रवि जायसवाल मरीजों एवं परिजनों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं, मरीजों एवं उनके परिजनों से उनका आत्मीय व्यवहार काबिले तारीफ है, वे मरीजों को मानसिक व आर्थिक सपोर्ट देते हैं, उनकी परेशानियों का उचित समाधान उपलब्ध कराते हैं। डॉ.रवि जायसवाल से मिलने व बात करने के पश्चात कैंसर मरीज एवं उनके परिजनों का कान्फिडेंस काफी बढ़ जाता है तथा कैंसर के प्रति उनके नजरिये में अत्यंत सकारात्मक बदलाव देखने को मिलता है। डॉ.रवि जायसवाल के सौम्य व्यवहार, लोकप्रियता एवं उनकी प्रोफेशनल सक्सेज के परिणाम स्वरूप छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि मध्यप्रदेश, उडी़सा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्र सहित अन्य प्रदेशों के कैंसर मरीज अपना इलाज कराने उनके पास पहुंचते है।

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